(प्रतीकात्मक तस्वीर)
RBI Penalty on HDFC Bank: देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय बैंक ने 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। RBI ने यह जुर्माना बैंक में पाए गए कई रेगुलेटरी और स्टैच्यूटरी नियमों के उल्लंघन के कारण लगाया है। RBI का कहना है कि बैंक में Know Your Customer (KYC) से लेकर Interest Rate on Advances और Outsourcing Guidelines जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में कमियां पाई गईं हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, RBI ने कहा कि यह दंड बैंक द्वारा ब्याज दरों से संबंधित दिशानिर्देशों, वित्तीय सेवाओं के आउटसोर्सिंग में जोखिम प्रबंधन नियमों, और KYC अनुपालन में चूक के लिए लगाया गया है। बैंक को यह आदेश RBI की ओर से 18 नवंबर 2025 को जारी किया गया था, जो 28 नवंबर 2025 को ईमेल के जरिए मिला। बैंक ने कहा है कि जुर्माने से उसके किसी भी ग्राहक सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
RBI के अनुसार बैंक के अंदर कई मामलों में KYC कंप्लायंस का काम आउटसोर्स किया गया था, जो बैंकिंग रेगुलेशन की दृष्टि से एक गंभीर मामला है। नियमों के मुताबिक KYC जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्यों की अंतिम जिम्मेदारी बैंक की ही होती है, लेकिन HDFC Bank ने इसे बाहरी एजेंटों को सौंप दिया था।
यह कार्रवाई RBI की वार्षिक Statutory Inspection for Supervisory Evaluation के बाद की गई। इसके अलावा RBI की जांच में यह भी सामने आया कि बैंक ने किसी एक ही लोन कैटेगरी में कई अलग-अलग बेंचमार्क अपनाए, जो कि नियामकीय निर्देशों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसका मतलब यह हुआ कि ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता नहीं थी।
HDFC बैंक का शेयर शुक्रवार को 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 1,006.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर में 12.28 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
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एक और बयान में RBI ने कहा कि ‘गवर्नेंस इश्यूज़’ से जुड़े ‘मास्टर डायरेक्शन- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी – स्केल बेस्ड रेगुलेशन) डायरेक्शन, 2023’ के कुछ प्रोविज़न्स का पालन न करने पर मन्नाकृष्णा इन्वेस्टमेंट्स पर 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।