यूपीआई लाइट (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई ने आज मौद्रिक नीति समिति में कुछ अहम फैसले लिए है। इस बार आरबीआई ने रेपो रेट की दर को दसवीं बार स्थिर रखा है। साथ ही आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश की आम जनता को फेस्टिवल सीजन में एक खास तोहफा दे दिया है। इस फैसले से यूपीआई के जरिए छोटे ट्रांजेक्शन करने वाले कस्टमर्स को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। इस मौद्रिक नीति समीक्षा में यूपीआई को लेकर 3 अहम बदलाव किए गए है। इसके कारण आम जनता के साथ ही छोटे ट्रांजेक्शन करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।
कौन से है 3 बड़े फैसले
1. आरबीआई ने यूपीआई 123पे की लिमिट को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसकी लिमिट को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये तक कर दिया गया है।
2. यूपीआई लाइट जिसकी वॉलेट लिमिट को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये तक कर दिया गया है। इसका सीधा असर देश के आम लोगों को होने वाला है, क्योंकि बताया जा रहा है कि आम जनता छोटे ट्रांसेक्शन के लिए यूपीआई लाइट का जमकर उपयोग करते हैं।
3. यूपीआई लाइट के हर ट्रांसेक्शन लिमिट को भी बढ़ाया गया है। इसकी लिमिट को 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति ट्रांसेक्शन कर दिया गया है।
रिजर्व बैंक ने इस एमपीसी में कुछ अहम फैसले लिए है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया है कि, यूपीआई ट्रांसेक्शन की मदद से भारत के आर्थिक हालात में बड़ा सुधार आया है। इसकी बदौलत देश में पैसों का ट्रांसेक्शन करना काफी सरल हो गया है।
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भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने इस मौद्रिक नीति समिति में रेपो रेट की दर को दसवीं बार स्थिर रखा है, इस दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। इसमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव ना करने का सीधा मतलब है कि होम लोन, ऑटो लोन और बाकी अन्य लोन की ईएमआई में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई के इस फैसले से जनता को बेहद राहत मिली है।