महंगाई से लड़ाई जारी, नहीं कम हुई आपकी लोन EMI, रेपो रेट में नहीं कोई बदलाव

आज RBI की MPC की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए गवर्नर ने शक्तिकांत दास ने कहा कि RBI के रेपो रेट में इस बार भी कोई बदलाव नहीं होगा। इसके साफ माने हिए कि RBI ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट को नही बदला है।
नहीं कम हुई आपकी लोन EMI
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नई दिल्ली: त्योहार के पहले आम आदमी को थोड़ी-बहुत ही राहत मिली है। आज RBI की MPC की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए गवर्नर ने शक्तिकांत दास ने कहा कि RBI के रेपो रेट में इस बार भी कोई बदलाव नहीं होगा। इसके साफ माने हिए कि RBI ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट को नही बदला है।। बीते फरवरी 2023 के बाद से रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है।

जानकारी दें कि इससे बीते मई 2022 से लेकर फरवरी 2023 तक RBI ने रेपो रेट में 2.50% का इजाफा किया था। जिसके बाद रेपो रेट 6.5 % पर आ गए थे। जो कि अभी तक उसी लेवल पर बनी हुई है। वहीं उम्मीदें की जा रही थी कि यूरोपियन सेंट्रल बैंक और फेड रिजर्व की ओर ब्याज दरों में कटौती के बार RBI भी अपनी पॉलिसी में बदलाव करेगा। लेकिन इस बार भी ऐसा देखने को नहीं मिला।

इस मामले पर विशेषज्ञों ने पहले ही कहा था कि RBI की इस द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में प्रमुख ब्याज दर रेपो में कटौती की संभावना नहीं है। ऐसा भी कहना ता कि खुदरा मुद्रास्फीति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है, तथा पश्चिम एशिया संकट के और बिगड़ने की संभावना है, जिसका असर कच्चे तेल और जिंस कीमतों पर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​था कि दिसंबर में ही इसमें कुछ ढील की गुंजाइश है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 4% (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) पर बनी रहे।

इसके साथ ही विशेषज्ञों की मानें तो शुरुआती पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि MPC के अनुमान से कम रहने और दूसरी तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति के कम रहने के अनुमान को देखते हुए यह अक्टूबर, 2024 की नीतिगत समीक्षा में रुख को बदलकर ‘तटस्थ’ करना उचित हो सकता है। इसके बाद रेपो दर में आगामी दिसंबर, 2024 और फरवरी, 2025 में 0.25 % की कटौती हो सकती है।

जानकारी दें कि रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि मकान, वाहन समेत विभिन्न कर्जों पर मासिक किस्त (ईएमआई) में बदलाव की संभावना कम है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने पुनर्गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सोमवार को शुरू हुई तीन दिन की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि एमपीसी ने नीतिगत दर को यथावत रखने का निर्णय किया है। समिति के छह सदस्यों में से पांच ने नीतिगत दर को यथावत रखने के पक्ष में मतदान किया। इसके साथ ही एमपीसी ने अपने रुख को बदलाव किया और इसे ‘तटस्थ' करने का निर्णय किया।

क्या है रेपो रेट

जानकारी दें कि, रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिसपर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। RBI मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिये इसका उपयोग करता है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर चुनौतियों के बावजूद देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। मौजूदा स्थिति पर गौर करने के बाद चालू वित्त वर्ष में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने के अनुमान को कायम रखा गया है।'' इसके साथ चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने के अनुमान को भी बरकरार रखा गया है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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