रेपो रेट में नहीं होगा बदलाव, आरबीआई गवर्नर बोले- ये समय सही नहीं
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने ब्लूमबर्ग इंडिया क्रेडिट फोरम में बयान दिया है कि इस समय ब्याज दर कम करने को लेकर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। आरबीआई ने इसी महीने हुई मॉनेट्री पॉलिसी कमेटी मीटिंग में ब्याज दर को स्थिर रखने का फैसला लिया था।
- Written By: अपूर्वा नायक
शक्तिकांत दास (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ब्याज दरों के बारे में अहम बात कही है। उन्होंने कहा है कि अभी ये समय ब्याज दरें घटाने के लिए सही नहीं है। देश में इस वक्त महंगाई भी काफी बढ़ी हुई है और हालात ऐसे हैं कि आगे भी महंगाई कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हम ब्याज दर कम करने जैसा कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।
गौरतलब है कि आरबीआई ने इसी महीने हुई मॉनेट्री पॉलिसी कमेटी मीटिंग में ब्याज दर को स्थिर रखने का फैसला लिया था। दरअसल अमेरिका के केंद्रीय बैंक अमेरिकी फेड रिजर्व ने इस बार अपने ब्याज दर पर कटौती की थी, लेकिन बाद उम्मीद की जा रही थी, आरबीआई भी इसमें बदलाव जैसा बड़ा फैसला ले सकती है।
महंगाई दर कम होने का इंतजार
ब्लूमबर्ग इंडिया क्रेडिट फोरम में बयान देते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि अगर इस समय ब्याज दर को कम कर दे, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था पर संकट आ सकता है। इसीलिए महंगाई दर पर नजर रखना काफी जरूरी है। अगर देश की आर्थिक विकास दर अच्छी होती है, तो ब्याज दर में बदलाव की कोई जरूरत नहीं होती है। अगर महंगाई दर 4 प्रतिशत के आसपास रहती है, तो हम ब्याज दर कम करने पर विचार भी कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार का कोई अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसके लिए हमने डेटा का इंतजार करना जरूरी है।
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अगले 6 महीने काफी अहम
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, आने वाले 6 महीने महंगाई के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होंगे। हम इस बात की पूरी उम्मीद कर रहे है कि महंगाई दर घटकर 4 प्रतिशत के लेवल पर आ जाए। इससे पहले आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने भी ये उम्मीद जतायी थी कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में भी महंगाई दर 4 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। पिछले हफ्ते हुई मॉनेट्री पॉलिसी कमेटी मीटिंग में 10वीं बार ब्याज दर को स्थिर रखने का फैसला लिया गया था। इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर महीने में की होने वाली एमएनसी में ब्याज दरें कम करने की उम्मीद हैं। लेकिन फिलहाल आरबीआई गवर्नर ऐसे किसी फैसले के लिए तैयार नहीं है।
