RBI Governor Sanjay Malhotra : RBI Governor ने एनबीएफसी के बारे में कही बड़ी बात, बोले – उचित व्यवहार करे सुनिश्चित
रिजर्व बैंक की अपनी विनियमित संस्थाओं के बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट के साथ जुड़ाव की श्रृंखला का एक हिस्सा थी। चुनिंदा एनबीएफसी के साथ पिछली ऐसी बैठक 25 अगस्त, 2023 को हुई थी।
- Written By: अपूर्वा नायक
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा
मुंबई : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एनबीएफसी के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों से ये कहा है कि वे ग्राहकों के साथ सही व्यवहार करें और उनकी शिकायतों के तुरंत निवारण के लिए एक सिस्टम बनाएं।
आरबीआई गवर्नर ने सरकारी गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों यानी एनबीएफसी, आवासीय वित्त कंपनियों और सूक्ष्म-वित्त संस्थानों सहित सभी स्तरों पर चुनिंदा एनबीएफसी कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों यानी सीईओ के साथ मीटिंग में यह बात कही। बैठक में शामिल एनबीएफसी कंपनियों की कुल एनबीएफसी क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
संतुलित करने पर जोर
रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि संजय मल्होत्रा ने छोटे व्यवसायों और स्पेशलाइज्ड सेक्टर के लिए लोन उपलब्ध कराने के मामले में एनबीएफसी की भूमिका हाईलाइट की। रिजर्व बैंक और एनबीएफसी के बीच आवश्यक सहयोग के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए गवर्नर ने समावेशी विकास, ग्राहक संरक्षण और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ग्रोथ एक्सपेक्टेशन को ठोस प्रथाओं के साथ संतुलित करने पर जोर दिया।
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त्वरित शिकायत निवारण सिस्टम
रिजर्व बैंक ने कहा है कि गवर्नर ने ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने और त्वरित शिकायत निवारण सिस्टम लागू करने के महत्व को भी रेखांकित किया। वित्तीय समावेशन की दिशा में अपने योगदान को आगे बढ़ाने के लिए एनबीएफसी से आग्रह करते हुए, गवर्नर ने उनसे रिजर्व बैंक द्वारा स्थापित किए जा रहे यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस यानी यूएलआई का हिस्सा बनने का अनुरोध किया। संवाद सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने क्षेत्र, विभिन्न उद्योग-स्तरीय पहलों और रिजर्व बैंक से अपनी अपेक्षाओं पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
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यह बैठक रिजर्व बैंक की अपनी विनियमित संस्थाओं के बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट के साथ जुड़ाव की श्रृंखला का एक हिस्सा थी। चुनिंदा एनबीएफसी के साथ पिछली ऐसी बैठक 25 अगस्त, 2023 को हुई थी। बैठक में स्व-नियामक संगठनों यानी एसआरओ, सा-धन और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क यानी एमएफआईएन के साथ-साथ वित्त उद्योग विकास परिषद यानी एफआईडीसी के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक में डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव, टी रबी शंकर और स्वामीनाथन जे के साथ-साथ रेग्यूलेशन, ऑब्सर्वेशन और वित्तीय समावेशन के प्रभारी कार्यकारी निदेशक भी शामिल हुए।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
