पाकिस्तानी फंड फ्लो पर नजर रखिए, RBI ने बैंकों को किया अलर्ट; आखिर क्या है मामला?

Pakistan Fund Flow: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एनबीएफसी और बैंकों को भेज गए लेटर में कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं। जिसमें बताया गया है कि कैसे पाकिस्तान ने ग्लोबल बैन और नियमों का उल्लंघन किया।
RBI Warning to Banks on Pankistan fund flow
(कॉन्सेप्ट फोटो)
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RBI On Pakistani Fund Flow In India: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों या लेंडर्स से पाकिस्तान से अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले फंड की जांच बढ़ाने को कहा है। ऐसे फंड का इस्तेमाल हथियार खरीदने में किए जाने की आशंका है। गौरतलब है कि पड़ोसी मुल्क से भारत में फंड का डायरेक्ट फ्लो काफी हद तक प्रतिबंधित है और हर एक लेनदेन के लिए रिजर्व बैंक की अप्रूवल की जरूरत होती है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि भारतीय जांच अधिकारियों को पता चला है कि कुछ पाकिस्तानी नागरिकों ने अन्य देशों के जरिए भारत को फंड भेजा था।

हथियारों की फंडिंग का हाई रिस्क

सूत्रों की माने तो भारत के बैंकिंग चैनल पाकिस्तान द्वारा हथियारों के फंडिंग के लिए उपयोग किए जाने की हाई रिस्क में हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मनी लॉन्ड्रिंग, हथियारों और आतंकवाद के वित्त पोषण पर लगाम लगाने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश बनाए हैं लेकिन पाकिस्तान पर ध्यान आकर्षित करने वाले निर्देश दुर्लभ है। हालांकि, रॉयटर्स की ओर से इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंके से पूछा गया लेकिन जवाब नहीं मिला।

बैंकों को भेजे लेटर में RBI ने दिया उदाहरण

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एनबीएफसी और बैंकों को भेज गए लेटर में कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं। जिसमें बताया गया है कि कैसे पाकिस्तान ने ग्लोबल बैन और नियमों का उल्लंघन किया। इसमें कहा गया है कि ग्लोबल मनीलॉन्ड्रिंग निरोधक निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की जून 2025 की रिपोर्ट में पाकिस्तान की सरकारी स्वामित्व वाली संस्था नेशनल डेवलपमेंट कॉम्पलेक्स पर मिसाइल डेवलपमेंट के लिए वस्तुओं का इंपोर्ट करते प्रतिबंधों से बचने का आरोप लगाया गया है।

इस बीच, पाकिस्तान बैंक एसोसिएशन के चेयरमैन जफर मसूद का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की मनीलॉन्ड्रिंग विरोधी कानून और आतंकवाद के फंडिंग का मुकाबला बहुत सख्त और मजबूत है।

बैंकों एवं कंपनियों को आरबीआई की सलाह

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि देश अस्थिर वैश्विक आर्थिक माहौल से गुजर रहा है और ऐसे में बैंकों एवं कंपनियों में निवेश साइकल बनाने के लिए एकसाथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब बैंकों एवं कॉरपोरेट के बही-खाते अपने सबसे अच्छे स्तर पर है, उन्हें एक साथ आना चाहिए और निवेश चक्र बनाने के लिए उत्साह को बढ़ाना चाहिए, जो इस समय बहुत अहम है।

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