रेटिंग एजेंसी मूडीज ने जारी किए आंकड़े, इस साल इतनी प्रतिशत ग्रोथ रेट का लगाया अनुमान

रेटिंग एजेंसी ने साथ ही जोड़ा कि मु्द्रास्फीति के रिस्क को देखते हुए संभव है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस साल तुलनात्मक रूप से सख्त मौद्रिक नीति को बरकरार रखे। ऐसे में निकट भविष्य में ब्याज दरों में कमी की गुंजाइश कम ही होगी।
Moodys predicts Indias GDP Growth as 6.5 percentage
मूडीज (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय काफी अच्छी स्थिति में है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने साल 2024 के लिए ये अनुमान लगाया है कि इस साल भारत का ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत और अगले साल ये दर 6.6 प्रतिशत तक हो सकती है। मूडीज ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी मजबूत बढ़त और नरम मुद्रास्फीति के साथ आगे बढ़ रही है।

रेटिंग एजेंसी ने साथ ही जोड़ा कि मु्द्रास्फीति के रिस्क को देखते हुए संभव है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस साल तुलनात्मक रूप से सख्त मौद्रिक नीति को बरकरार रखे। ऐसे में निकट भविष्य में ब्याज दरों में कमी की गुंजाइश कम ही होगी। मूडीज ने कहा कि आने वाले समय में तेजी के बावजूद रिटेल इंफेल्शन आने वाले महीनों में रिजर्व बैंक के तय दायरे में होनी चाहिए, क्योंकि अधिक बुवाई और पर्याप्त अनाज भंडारण के कारण खाने की चीजों की कीमतों में कमी आएगी।

रिटेल इंफेल्शन सबसे हाई लेवल पर

सब्जियों की कीमतों में तेज उछाल के कारण रिटेल इंफेल्शन 14 महीने के अपने सबसे हाई लेवल 6.21 पर पहुंच गई है, जो रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर के अपर लेवल से ज्यादा है। रेटिंग एजेंसी ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2025-26 में कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी ने महामारी के दौरान सप्लाई चेन व्यवधान, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद एनर्जी और खाद्य संकट, हाई इंफेल्शन और इसके चलते सख्त मौद्रिक नीति से उबरने में उल्लेखनीय जुझारू क्षमता दिखाई है।

ग्लोबल इकोनॉमिक चुनौतियां

रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश जी-20 अर्थव्यवस्थाएं स्थिर ग्रोथ रेट दर्ज करेंगी और नीतिगत मोर्चे पर नरमी तथा अनुकूल जिंस कीमतों से उन्हें समर्थन मिलेगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियों में चुनाव के बाद के बदलाव के चलते ग्लोबल इकोनॉमिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

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मूडीज ने भारत के बारे में कहा कि लोकल कंस्ज्मपंशन में सुधार, मजबूत इंवेस्टमेंट और मजबूत मैन्यूफैक्चरिंग एक्टिविटी के कारण 2024 की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल-जून में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें आगे कहा गया कि मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा पीएमआई का विस्तार, मजबूत ऋण वृद्धि और उपभोक्ता भरोसे जैसे हाई फ्रिक्वेंसी इंडिकेटर, तीसरी तिमाही में स्थिर इकोनॉमिक स्पीड का संकेत देते हैं।

जीडीपी में 7.2 प्रतिशत की बढ़त

मूडीज ने कहा है कि वास्तव में अगर देखें तो एक मैक्रोइकोनॉमिक नजरिये से इंडियन इकोनॉमी मजबूत बढ़त और नरम मुद्रास्फीति के साथ अच्छी स्थिति में है। हमने 2024 के लिए सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 7.2 प्रतिशत की बढ़त का अंदाजा लगाया है। इसके बाद 2025 में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 6.6 प्रतिशत और 2026 में 6.5 प्रतिशत रह सकती है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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