अगले 7 साल में भारत करेगा ये कमाल, 7 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का आंकड़ा होगा पार
ईटी-क्रिसिल इंडिया प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार, इस चालू वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी 6.8 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके पीछे का कारण कठोर लेंडिंग नियमों और हाई इंटरेस्ट रेट के असर के कारण शहरी मांग पर असर होने को बताया जा रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
इंडियन इकोनॉमी (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने हाल ही में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के आधार पर ये पता चला है कि इंडियन इकोनॉमी का आकार साल 2031 तक 7 ट्रिलियन डॉलर तक जा सकता है। इसके अलावा इस रिपोर्ट में ये भी कहा जा रहा है कि हमारे देश की जीडीपी दर सालाना आधार पर इस अवधि में 6.7 फीसदी तक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्रिसिल की इस रिपोर्ट में ये साफ हो गया है कि कोविड आने से पहले वाले दशक में भारत की जीडीपी दर जिस तेजी से 6.6 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी, वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2031 तक भारत की गति उसी स्पीड को हासिल कर सकती है।
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इस साल क्या रहेगा जीडीपी का हाल
ईटी-क्रिसिल इंडिया प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार, इस चालू वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी 6.8 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके पीछे का कारण कठोर लेंडिंग नियमों और हाई इंटरेस्ट रेट के असर के कारण शहरी मांग पर असर होने को बताया जा रहा है। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया जा रहा है कि मजबूत सर्विस एक्सपोर्ट और रेमिटेंस इनफ्लो के कारण भारत का करेंट अकाउंट घाटे से सुरक्षित क्षेत्र में रह सकता है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि साल 2024-25 में भारती की जीडीपी 1 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जो कि साल 2023-24 में भी 0.7 प्रतिशत तक के बढ़ी थी।
इस रिपोर्ट में एग्रीकल्चर सेगमेंट के बारे में जानकारी
इस रिपोर्ट में इस बात को साफ तौर पर कहा जा रहा है कि अगर इस साल खरीफ की बुआई ज्यादा तो हुई है, लेकिन इसके कारण कृषि सेक्टर पर इसका क्या असर होने वाला है, ये पता लगाना बाकी है। आने वाले समय में इसकी जरूरत पड़ सकती है। इस चालू वित्त वर्ष के बचे हुए समय में अगर मौसम की स्थिति विपरीत होती है, तो इसका सीधा असर एग्रीकल्चर सेक्टर पर हो सकता है।
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