जन्मदिन विशेष: व्हीलचेयर पर बैठकर देखा था आसमान छूने का सपना, राकेश झुनझुनवाला की Akasa Air की वो अधूरी कहानी
Rakesh Jhunjhunwala Birthday: साल 1985 में सिर्फ 5 हजार रुपये के साथ शेयर मार्केट में कदम रखने वाले राकेश झुनझुनवाला ने 2022 तक लगभग 46 हजार करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा कर दिया।
- Written By: मनोज आर्या
राकेश झुनझुनवाला जन्मदिन विशेष, (AI जेनरेटेड फोटो)
Rakesh Jhunjhunwala Birthday Special: भारत के दिग्गज दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला का आज (5 जुलाई) जन्मदिन है। घरेलू शेयर मार्केट के ‘बिग बुल’ और इंडिया के वॉरेन बफे के नाम से मशहूर राकेश झुनझुनवाला का जन्म (5 जुलाई, 1960) को आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में हुआ था। 14 अगस्त, 2022 को आर्ट अटैक के कारण 62 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद से उनके सम्राज्य को उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला संभाल रही हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में राकेश झुनझुनवाला को दुनिया का दूसरा सबसे सफल निवेशक माना गया। दुनिया के सबसे सफल निवेशकों की लिस्ट में वॉरेन बफे पहले स्थान पर हैं।
साल 1985 में सिर्फ 5 हजार रुपये के साथ शेयर मार्केट में कदम रखने वाले राकेश झुनझुनवाला ने 2022 तक लगभग 46 हजार करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा कर दिया। कई कंपनियों में उनका निवेश है। निधन से पहले वे फोर्ब्स की दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 440वें नंबर पर थे। शेयर मार्केट में एक सफल निवेशक के रूप में खुद को स्थापित करने के बाद 2022 में अकासा एयर के साथ राकेश झुनझुनवाला की एविएशन सेक्टर में एंट्री हुई।
Akasa Air में ₹278 करोड़ का निवेश
जहां भारत के कई दिग्गज कारोबारी एविएशन सेक्टर में जाने से डर रहे थे, वहीं राकेश झुनझुनवाला ने अकासा एयरलाइन में 35 मिलियन डॉयर यानी करीब 278 करोड़ रुपये का निवेश कर डाले। इस एयरलाइन कंपनी की 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा के पास थी। अकासा एयरलाइन की लॉन्चिंग पर बोलते हुए उन्होंने कहा था कि बहुत से यह सोच रहे होंगे कि आखिर में मैं एयरलाइन कंपनी क्यों शुरू करने जा रहा हूं। हालांकि, उनके कई सवालों का जवाब देने की बजाय मैं सिर्फ यही कहूंगा कि मैं असफल होने के लिए तैयार हूं। उन्होंने आगे कहा था कि कोशिश नहीं करने के बजाय प्रयास करने के बाद नाकाम होना बेहतर है।
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Akasa Air के पीछे का असली मकसद
अकासा एयर की शुरुआती के पीछे राकेश झुनझुनवाला का मकसद था कि देश के आम लोगों को बेहद ही कम लागत (अल्ट्रा-लो-कॉस्ट) में हवाई सफर की सुविधा मुहैया कराई जाए। इसके साथ ही वह भारत के एविएशन सेक्टर में एक नई वर्ल्ड क्लास और प्रोफेशनली ऑपरेशनल एयरलाइन को स्थापित करना चाहते थे। जब उन्होंने एविएशन सेक्टर में एंट्री लिया था, तब जेट फ्यूल की कीमतें काफी अधिक थीं और कई एयरलाइंस कंपनियां घाटे में चल रही थीं। इस चुनौतीपूर्ण समय में एयरलाइंस जैसी कारोबार की शुरुआत को लेकर राकेश झुनझुनवाला के ऊपर कई सवाल उठ रहे थे।
Akasa Air की वर्तमान स्थिति क्या है?
अकासा एयर देश की एविएशन सेक्टर में सबसे तेजी से उभरती एयरलाइंस कंपनी में से एक बन गई है। खुद का विस्तार करते हुए कंपनी ने अपने बेड़े 40वां विमान शामिल कर लिया है। घरेलू उडानों के साथ खुद की शुरुआत करने वाली अकासा एयर अब एक इंटरनेशनल कैरियर बन चुकी है। वर्तमान में यह 34 से अधिक गंतव्यों के लिए उड़ानें ऑपरेट कर रही है, जिसमें भारत के 27 घरेलू शहर और 7 अंतरराष्ट्रीय शहर (जैसे कतर, कुवैत, सऊदी अरब, थाईलैंड और यूएई) शामिल हैं।
राकेश झुनझुनवाला की फाइल फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
अकासा एयर के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के अनुसार, बढ़ते फ्यूल कॉस्ट और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद एयरलाइन की लंबे समय के लिए प्लानिंग काफी मजबूत है। कंपनी ने सितंबर से मार्च के दौरान EBITDA पॉजिटिव दर्ज करके अपनी वित्तीय स्थिरता का प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष में कंपनी ने अपनी क्षमता में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा है और अगले 4-5 साल तक 30 से 40% की सालाना ग्रोथ का अनुमान जताया है।
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विवादों में राकेश झुनझुनवाला का नाम
साल 2021 में एप्टेक कंप्यूटर्स के शेयरों में असामान्य डीलिंग के लिए झुनझुनवाला पर इनसाइडर ट्रेडिंग की जांच की गई थी। सेबी ने आरोप लगाया था कि झुनझुनवाला ने अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (UPSI) होने पर भी एप्टेक के शेयरों में ट्रेड किया। SEBI के अनुसार, यह 14 मार्च 2016 और 7 सितंबर 2016 के बीच का UPSI था, जो ऑफिशियल घोषणा की तारीख थी। जुलाई 2021 में SEBI ने झुनझुनवाला और उनके साथियों से कुल 35 करोड़ रुपये का पेमेंट करने के बाद इस मामले को सुलझा लिया था।
