PMVBRY Scheme: 2 साल में मिलेंगी 3.5 करोड़ नौकरियां, मोदी सरकार ने खोला खजाना
Employment Generation Target: केंद्र सरकार ने PMVBRY योजना के तहत 2 साल में 3.5 करोड़ नौकरियां देने का लक्ष्य रखा। पहली बार नौकरी करने वालों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में मिलेगी।
- Written By: प्रिया सिंह
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे (सोर्स-सोशल मीडिया)
Viksit Bharat Rozgar Yojana: केंद्र सरकार ने देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के जरिए अगले 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के मैन्युफैक्चरिंग, MSME और ग्रामीण उद्योगों में रोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं को सशक्त बनाना है।
पहली बार नौकरी करने वालों को मिलेगा विशेष लाभ
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में जानकारी दी कि योजना के ‘भाग ए’ के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में कदम रखने वाले युवाओं को सीधा आर्थिक लाभ दिया जाएगा। जो कर्मचारी पहली बार नौकरी शुरू कर रहे हैं, उन्हें सरकार एक महीने की ईपीएफ सैलरी के बराबर यानी अधिकतम 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। यह पैसा कर्मचारी के बैंक खाते में दो अलग-अलग किस्तों में भेजा जाएगा ताकि युवा अपनी नौकरी के शुरुआती दिनों में आर्थिक रूप से स्थिर महसूस कर सकें।
प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया और शर्तें
योजना के नियमों के अनुसार, प्रोत्साहन राशि की पहली किस्त (अधिकतम 7,500 रुपये) नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर दी जाएगी। वहीं, दूसरी और अंतिम किस्त कर्मचारी को 12 महीने की सेवा पूरी करने और एक विशेष वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद प्राप्त होगी।
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यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि युवा न केवल पैसा कमाएं बल्कि अपने धन का प्रबंधन करना भी सीखें। सरकार यह राशि सीधे कर्मचारी के बचत खाते या सुरक्षित निवेश योजना में जमा करेगी, जिससे उनकी भविष्य की बचत भी सुनिश्चित हो सके।
कंपनियों और नियोक्ताओं को भी मिलेगी वित्तीय मदद
योजना के ‘भाग बी’ में नियोक्ताओं और कंपनियों को अतिरिक्त कर्मचारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यदि कोई कंपनी किसी नए कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक काम पर रखती है, तो सरकार उस नियोक्ता को प्रति कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी।
यह लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होने वाली नई नौकरियों पर ही लागू होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को 1 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी ताकि MSME और ग्रामीण उद्योगों को मजबूती मिल सके।
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पिछली योजनाओं की सफलता और भविष्य का विजन
यह योजना कोरोना काल में शुरू की गई आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (ABRY) की सफलता के बाद लाई गई है। एबीआरवाई के तहत 31 मार्च 2024 तक लगभग 60.49 लाख लोगों ने लाभ उठाया था।
अब नई PMVBRY योजना का दायरा कहीं अधिक बड़ा है, जो न केवल नौकरियां पैदा करेगी बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सामाजिक सुरक्षा को भी बढ़ाएगी। सरकार का लक्ष्य मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी को अधिकतम स्तर पर ले जाना है ताकि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा सके।
