तेल कंपनियों को अरबों का घाटा, पर क्या आपकी जेब पर पड़ेगा बोझ? चुनाव बाद दाम बढ़ाने की खबर पर सरकार की सफाई

Petrol Diesel Price: भारत में सरकार ने अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखा है, जबकि सरकारी तेल कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं कर रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
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Petrol Diesel Price Hike Denied: ईरान युद्ध और होर्मुज संकट के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर असर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, और अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी है। एक समय ऐसा था जब कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर तक पहुंच गई थी। इसके कारण अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसे कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की गई है। हालांकि, भारत में सरकार ने अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखा है, जबकि सरकारी तेल कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं कर रही हैं।

अब एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि भारत में पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया जा सकता है।

क्या कहती है कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटी की रिपोर्ट?

कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, चुनाव के कारण सरकार ने तेल की कीमतों को स्थिर रखा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चुनाव खत्म होते ही तेल कंपनियां धीरे-धीरे रिटेल कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं, और यह बढ़ोतरी 25-28 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है। ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के कारण शिपिंग और इंश्योरेंस लागत बढ़ रही है। मार्च 2026 में भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 47 डॉलर प्रति बैरल बढ़ी है, और क्रूड इंपोर्ट वॉल्यूम में भी 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस वजह से भारत का कच्चे तेल का आयात बिल रोजाना 190-210 मिलियन डॉलर तक बढ़ गया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने खारिज की रिपोर्ट

कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटी की रिपोर्ट पर सरकार ने प्रतिक्रिया दी है और इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले 4 सालों से सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखा है और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिटेल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार का कहना है कि वर्तमान में पेट्रोलियम मंत्रालय के पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना हो।

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