मार्च में कारों की बंपर सेल, पैसेंजर व्हीकल्स की थोक बिक्री में 16% का तगड़ा उछाल; इन कंपनियों का रहा दबदबा
Passenger Vehicle: वित्त वर्ष 2026 में यात्री वाहनों (पीवी) की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों (यूवी) का हिस्सा 68 प्रतिशत था। हालांकि, यूवी वाहनों की बिक्री में सबसे अधिक हिस्सेदारी बनी हुई है।
- Written By: मनोज आर्या
प्रतीकात्मक तस्वीर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Passenger Vehicle Wholesale Sales March 2026: भारत में यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) की थोक बिक्री सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 4.4 लाख यूनिट्स हो गई है और इसमें तिमाही आधार पर 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसकी वजह मजबूत घरेलू मांग को माना जा रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। आईसीआरए की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में ऑटोमोबाइल की थोक बिक्री वित्त वर्ष 27 में 4-6 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इसे जीएसटी में कटौती और नए मॉडल के लॉन्च होने से फायदा होगा।
नए मॉडलों के लॉन्च की लगातार बढ़ती मांग और संशोधित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों के निरंतर सकारात्मक प्रभाव के चलते मार्च में खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
GST दरों में बदलाव के बाद का आंकड़ा
जीएसटी दरों में बदलाव के बाद वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में थोक बिक्री में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि दूसरी छमाही में इसमें 17 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई। खुदरा बिक्री में भी 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह अब तक के उच्चतम स्तर 46 लाख यूनिट तक पहुंच गई। रिपोर्ट में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के आंकड़ों का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार खुदरा बिक्री में मजबूती के चलते इन्वेंट्री का स्तर मार्च 2026 तक घटकर लगभग 28 दिन रह गया, जबकि मार्च 2025 के अंत में यह 52-53 दिन और सितंबर 2025 में 60 दिन था।
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बिक्री में UV वाहनों की अधिक हिस्सेदारी
वित्त वर्ष 2026 में यात्री वाहनों (पीवी) की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों (यूवी) का हिस्सा 68 प्रतिशत था। हालांकि, यूवी वाहनों की बिक्री में सबसे अधिक हिस्सेदारी बनी हुई है, लेकिन जीएसटी दरों में कटौती के बाद मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट सेगमेंट में बिक्री में थोड़ी वृद्धि हुई है। यूवी सेगमेंट बिक्री का मुख्य चालक बना रहेगा, हालांकि यात्री कारों की मांग में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
फाइनेंशियल ईयर 2026 में एक्सपोर्ट में 18 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ रिकॉर्ड की गई, हालांकि यह इजाफा उम्मीद से थोड़ी धीमी रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वृद्धि भारतीय मैन्युफैक्चरर्स द्वारा सप्लाई बढ़ाने के संकेत देती है।
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मार्च 2026 में भारत में मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) सबसे ज्यादा कार बेचने वाली कंपनी रही, जिसने 1.70 लाख से अधिक गाड़ियां बेचीं। वहीं, व्यक्तिगत मॉडल की बात करें तो मारुति सुजुकी डिजायर (Maruti Dzire) 21,224 यूनिट्स की बिक्री के साथ देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही, जिसने SUV के दबदबे को पीछे छोड़ दिया।
