(प्रतीकात्मक तस्वीर)
November 2025 Deadline: नवंबर महीने में अब सिर्फ दो दिन बच गया है। जैसे-जैसे दिसंबर का महीना नजदीक आ रहा है, लोग इस महीने के पेंडिंग कामों को जल्द से जल्द निपटाने पर फोकस कर रहे हैं। इसके पीछे का कारण है आने वाले नए महीने से फाइनेंशियल नियमों में कुछ बदलाव होने जा रहा है। 1 दिसंबर से होने वाले बदलावों में पेंशन और टैक्सेशन से जुड़े नियम शामिल हैं।
इसके साथ ही नए महीने में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे ईंधनों की कीमतों के प्रभावित होने की भी आशंका है। ये बदलाव आम आदमी की जेब और उसकी बजट पर सीधे तौर पर असर डालते हैं। आइए जानते हैं दिसंबर महीने में कौन-कौन से महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं और 30 नवंबर तक कौन-कौन से काम निपटा लेने जरूरी हैं।
तेल कंपनियां हर नया महीना शुरू होने से पहले पेट्रोल, डीजल और एलजीपी जैसे ईंधनों की कीमतों की समीक्षा करती है। कई बार उनकी ओर से अहम बदलाव भी किए जाते हैं। अगर ऐसा होता है तो लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा। 1 दिसंबर से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की आशंका है। इसकी कीमतें वैश्विक ऊर्जा के रुझानों और मुद्रा की चाल पर निर्भर हैं।
पिछले महीने एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर्स की कीमतों में मामूली कमी हुई थी। इस बार भी रविवार की देर रात तक पेट्रोलियम कंपनियों पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करेगी। तभी यह तय हो पाएगा कि इस मामले में लोगों को राहत मिलेगी उनपर कीमतों का भार बढ़ेगा। रसोई गैस एक बुनियादी जरूरत है, इसलिए इसकी कीमतों इसकी कीमतों में बदलाव का असर पूरे घर के खर्च पर पड़ता है।
सरकार और केंद्रीय कर्मचारियों के बीच लंबे समय से पेंशन प्रणाली को लेकर बहस जारी है। कर्मचारी पुरानी पेंशन सिस्टम की मांग कर रहे हैं, पर सरकार नई पेंशन प्रणाली पर अड़ी है। इस बीच, सरकार की ओर से यूपीएस का प्रस्ताव रखा गया। जिसमें पुरानी पेंशन प्रणाली के कुछ फायदों को शामिल किया गया था। कर्मचारियों को यूपीएस का विकल्प चुनने का समय दिया था। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि नई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) में जाने के इच्छुक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास आवेदन करने के लिए केवल 30 नवंबर तक का समय है।
सरकार पहले ही एक बार विस्तार दे चुकी है, और अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 दिसंबर के बाद यह विकल्प फिर से उपलब्ध नहीं होगा। जो भी व्यक्ति गारंटीकृत पेंशन प्रणाली में जुड़ना चाहते हैं, उन्हें समय सीमा समाप्त होने से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, नहीं तो उन्हें यह मौक नहीं मिल पाएगा।
लाखों पेंशनभोगियों के लिए मासिक पेंशन भुगतान प्राप्त करते रहने के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। यदि इसे समय पर जमा नहीं किया जाता है, तो पेंशन भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। इसलिए 30 नवंबर तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना जरूरी है। पेंशनभोगी डिजिटल रूप से भी जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। वे अपनी बैंक शाखा या डाकघर में स्वयं जाकर भी लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। प्रमाण पत्र के सत्यापन के बाद ही पेंशन का भुगतान फिर से शुरू होगा।
आयकर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलिंग के लिए भी 30 नवंबर अंतिम तारीख है। इनमें धारा 194-IA, 194-IB, 194M और 194S के तहत अक्तूबर में की गई कटौतियों के लिए टीडीएस का विवरण देना भी शामिल हैं। ट्रांसफर-प्राइसिंग आवश्यकताओं वाले करदाताओं को भी धारा 92E के तहत अपनी रिपोर्ट 30 नवंबर तक ही जमा करानी है। बहुराष्ट्रीय समूहों से जुड़ी भारतीय संस्थाओं के लिए फॉर्म 3CEAA दाखिल करना अनिवार्य है। इसकी अंतिम तारीख भी 30 नवंबर है। इन समय-सीमाओं को पूरा न करने पर लेट फाइन और जुर्माना लगाया जा सकता है।
ये भी पढ़ें: सोना के गहने लेना काफी नहीं, इसका इंश्योरेंस भी जरूरी, जानें कितना फायदेमंद
एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी 1 दिसंबर 2025 से बदलाव हो सकता है। एटीएफ की कीमतों में कोई भी वृद्धि या गिरावट सीधे तौर पर एयरलाइन की परिचालन लागत पर असर डालती है। इसका सीधा असर हवाई किराए पर पड़ता है। दिसंबर में छुट्टियों का सीजन है। इसलिए हवाई यात्राओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए ईंधन की कीमतों में मामूली बदलाव भी हवाई टिकट की दरों को प्रभावित कर सकता है।