वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवां बजट पेश करेंगी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nirmala Sitharaman Budget History Records: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार नौवीं बार देश का आम बजट संसद के पटल पर रखेंगी। इस बजट के साथ वे पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के सर्वाधिक बजट वाले रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी।
बजट 2026 की औपचारिक तैयारी के लिए नॉर्थ ब्लॉक में पारंपरिक हलवा सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हलवा बांटे जाने के बाद बजट से जुड़े अधिकारी बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग यानी लॉक-इन हो जाते हैं।
1 फरवरी 2026 को निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश करके भारतीय संसदीय इतिहास में अपना नाम दर्ज कराएंगी। अभी तक उन्होंने फरवरी 2024 के अंतरिम बजट को मिलाकर कुल आठ बजट सफलतापूर्वक पेश किए हैं। वे भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी पारी में भी कार्यरत हैं।
सर्वाधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड अभी भी पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे। पी चिदंबरम ने नौ बार और प्रणब मुखर्जी ने आठ बार वित्त मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। निर्मला सीतारमण इस बार नौ बजटों के साथ पी चिदंबरम के बराबरी पर आ जाएंगी और देसाई के करीब होंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड है जो 2020 में दो घंटे 40 मिनट तक चला था। वहीं दूसरी ओर देश का सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने दिया था जो मात्र 800 शब्दों का था। यह रोचक तथ्य दर्शाते हैं कि समय के साथ बजट पेश करने की शैली और प्रक्रिया में बड़े बदलाव आए हैं।
1999 से पहले बजट शाम पांच बजे पेश होता था जिसे पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह 11 बजे किया। 2017 में सरकार ने बजट पेश करने की तारीख को फरवरी के अंत से बदलकर एक फरवरी कर दिया था। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले सभी संसदीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना था।
स्वतंत्र भारत का सबसे पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को पहले वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। तब से लेकर आज तक बजट प्रक्रिया में कई आधुनिक तकनीकों और सुधारवादी कदमों को शामिल किया गया है। इस बार के बजट से देश को आर्थिक वृद्धि को नई गति देने वाले कई बड़े सुधारों की उम्मीद है।
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बजट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रेस के कर्मचारियों और अधिकारियों को संसद के भीतर ही रहना पड़ता है। वे बजट पेश होने तक अपने परिवार या बाहरी किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए अधिकृत नहीं होते हैं। यह कठिन अनुशासन सुनिश्चित करता है कि देश की आर्थिक नीतियां और करों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक न हो जाए।
Ans: वह लगातार 9वां बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी।
Ans: पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम सर्वाधिक 10 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज है।
Ans: यह बजट के अंतिम चरण की शुरुआत का प्रतीक है, जिसके बाद अधिकारी बजट पेश होने तक लॉक-इन हो जाते हैं।
Ans: वर्ष 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने का समय सुबह 11 बजे कर दिया था।
Ans: स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।