Labour Code: नए लेबर कोड से घटेगी टेक-होम सैलरी? जानें सैलरी स्ट्रक्चर, PF और ग्रेचुटी में बदलाव
Take Home Salary: भारत में लागू नए लेबर कोड से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी घट सकती है। बेसिक पे बढ़ने और PF कटौती ज्यादा होने से इन-हैंड राशि कम होगी, लेकिन ग्रेचुटी फायदा बढ़ेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
नया लेबर कोड (सोर्स- सोशल मीडिया)
New Labour Code Salary Impact: भारत में न्यू लेबर कोड लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी और सोशल सिक्योरिटी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आया है। कई कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या उनकी इन-हैंड सैलरी कम हो जाएगी। नए बदलावों का असर PF, ग्रेचुटी और CTC के ढांचे पर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि नए नियम कर्मचारियों के लाभ और टेक-होम वेतन को कैसे प्रभावित करेंगे।
नए लेबर कोड से क्या बदल गया?
भारत सरकार ने चार नए लेबर कोड लागू किए हैं, कोड ऑन वेजेज 2019, इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड 2020, कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड 2020। इनका सीधा असर सैलरी स्ट्रक्चर, PF कंट्रीब्यूशन और ग्रेचुटी बेनिफिट पर होगा।
सैलरी स्ट्रक्चर का नया फॉर्मूला
नए नियमों के अनुसार, बेसिक सैलरी और DA कुल सैलरी का कम से कम 50% होना चाहिए। इसके चलते कंपनियां अलाउंस कम देंगी और बेसिक पे बढ़ेगा। बेसिक बढ़ने से PF और अन्य कानूनी कटौतियां भी बढ़ेंगी, जिससे टेक-होम सैलरी कम हो सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
गर्मी का कहर: मजदूरों की सुरक्षा को लेकर नागपुर चेंबर सख्त, 10 दिन दोपहर के भारी काम रोकने की सलाह
Explainer: इन 3 वजहों से आसमान से बरस रही है आग, समझिए आखिर कब और कैसे मिलेगी इस जानलेवा गर्मी से राहत
संभाजीनगर में सीआईआई का ‘बायर-सेलर’ सम्मेलन संपन्न; डिफेन्स और ऑटोमोटिव क्षेत्र के एमएसएमई को मिलेंगे नए अवसर
Gold-Silver Rate Today: देश में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी भी हुई सस्ती, जानें आज का भाव
PF और ग्रेचुटी पर असर
ग्रेचुटी बेसिक पे पर कैलकुलेट होती है, इसलिए बेसिक बढ़ने से भविष्य में मिलने वाली ग्रेचुटी राशि बढ़ जाएगी। पहले ग्रेचुटी का लाभ 5 वर्ष के बाद मिलता था, लेकिन अब फिक्स्ड टर्म या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सिर्फ 1 साल की सेवा पर ग्रेचुटी का हक मिलेगा। गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स भी अब सोशल सिक्योरिटी से जुड़े लाभ के दायरे में आ जाएंगे।
क्या घटेगी टेक-होम सैलरी?
अगर बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो PF और अन्य कानूनी योगदान भी ज्यादा कटेंगे। इसलिए CTC वही रहने पर भी इन-हैंड सैलरी कम दिख सकती है। सबसे ज्यादा असर युवा कर्मचारियों, कम बेसिक और ज्यादा अलाउंस वाले कर्मचारियों पर पड़ेगा।
यह भी पढ़ें: हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, मिलिट्री प्लेन से जापानी विमान को किया ‘रडार लॉक’, एशिया में बढ़ा तनाव
कुल मिलाकर लाभ या नुकसान?
भले ही टेक-होम सैलरी कम हो सकती है, लेकिन लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स बेहतर होंगे। लाइफटाइम ग्रेचुटी, PF सेविंग और रिटायरमेंट सुरक्षा में काफी बढ़ोतरी होगी। इसको कर्मचारियों के आर्थिक भविष्य को मजबूत करने वाली बड़ी पहल माना जा रहा है।
