
एलपीजी प्राइस हाइक (सौ. सोशल मीडिया )
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को हमला बनाया है। दोनों ही देशों के बीच में जंग के हालात बरकरार हैं। इन सबके बीच आम लोगों के लिए एक बुरी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में गैस सिलेंडरों की कीमतों में फिर से बढ़त हो सकती है। इस बार की बढ़त मामूली नहीं बल्कि 100 से 150 रुपये तक की हो सकती है। हालांकि इसके पीछे की वजह जानना भी काफी जरूरी है, तो आइए आपको बताते हैं क्यों सिलेंडरों की कीमत बढ़ सकती है?
जानकारी के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2026 में तेल कंपनियों को रसोई गैस यानी एलपीजी की सेल्स में 30 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार पहले ये नुकसान करीब 40 हजार करोड़ रुपए का था, लेकिन पिछले कुछ दिनों पहले ही सरकार ने गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद ये नुकसान में 10 हजार करोड़ रुपये से घट गया था। ऐसे में अगर सरकार ने ऑयल कंपनियों की मदद नहीं की तो आने वाले दिनों में एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ सकती हैं।
ऑयल कंपनियों को हुए नुकसान को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से इस नुकसान को कम करने का आश्वासन दिया गया है। लेकिन इस सबके बीच अगर भारत और पाकिस्तान का युद्ध होता है तो सरकार को एक्स्ट्रा फंड की जरूर हो सकती है, जिसके चलते सरकार तेल कंपनियों को जो राहत दी जाने वाली है, उसे रोक सकती है और इस घाटे को खत्म करने के लिए आम लोगों पर बोझ डाला जा सकता है।
ऑयल कंपनियों को गैस सप्लाई में जो घाटा हो रहा है, वो सऊदी सीपी के कारण हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2023 में सऊदी सीपी की एवरेज प्राइस 415 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर 712 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गई है। दूसरी ओर इन कीमतों के अनुसार ऑयल कंपनियों ने अभी तक गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।






