Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

IBC Amendment: दिवालिया प्रक्रिया में नहीं होगी देरी! लोकसभा से संशोधन विधेयक को मंजूरी, आम आदमी पर क्या असर?

Insolvency and Bankruptcy Code: लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आईबीसी ने बेहतर लोन अनुशासन में योगदान दिया है और कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार किया है।

  • Written By: मनोज आर्या
Updated On: Mar 30, 2026 | 03:07 PM

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (सोर्स- संसद टीवी)

Follow Us
Close
Follow Us:

IBC Amendment Bill 2026: लोकसभा ने सोमवार को दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य दिवालियापन प्रक्रिया में गई कंपनियों के मामलों का तेजी से समाधान करना है। इस विधेयक में कंपनी के डिफॉल्ट साबित हो जाने के बाद दिवालियापन के आवेदनों को स्वीकार करने के लिए 14 दिनों की अनिवार्य समय सीमा निर्धारित की गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक में 12 संशोधन प्रस्तावित किए हैं ताकि समाधान तंत्र को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि आईबीसी समाधान में देरी का मुख्य कारण व्यापक मुकदमेबाजी है, और आईबीसी विधेयक में प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए दंड का प्रावधान है।

27 मार्च को विधेयक पर हुई थी चर्चा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए विधेयक पर लोकसभा में 27 मार्च को चर्चा हुई थी। यह विधेयक, जिसे पहले एक चयन समिति को भेजा गया था, कंपनी या व्यक्ति की दिवालियापन संबंधी मामलों के निपटारे में होने वाली देरी को दूर करने के लिए लाया गया है। वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि दिवालियापन संहिता (आईबीसी) ने बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस कानून का उद्देश्य कभी भी लोन वसूली तंत्र के रूप में कार्य करना नहीं था।

सम्बंधित ख़बरें

1 अप्रैल से बदल जाएगा UPI और कार्ड पेमेंट का तरीका! टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य; जानें अब कैसे होगा लेनदेन

पर्सनल लोन से सस्ता है गोल्ड लोन! लेकिन एक छोटी सी चूक से जा सकता है आपका सोना, जानें फायदे और नुकसान

मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में झुलसा दलाल स्ट्रीट! टॉप 10 में से 7 दिग्गज कंपनियों के ₹1.75 लाख करोड़ स्वाहा

Share Market Outlook: मिडिल ईस्ट संकट के बीच सोमवार को कैसा रहेगा बाजार, ये फैक्टर्स तय करेंगे मार्केट की चाल

लोकसभा में वित्त मंत्री ने क्या कहा?

लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आईबीसी ने बेहतर लोन अनुशासन में योगदान दिया है और कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार किया है। मंत्री ने कहा कि दिवालियापन समाधान प्रक्रिया से बाहर आने के बाद कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उनकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रथाओं में भी सुधार हुआ है। यह बयान उन्होंने चयन समिति द्वारा प्रस्तुत दिवालियापन और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 के जवाब में दिया।

संशोधन के पीछे सरकार का मकसद

सीतारमण ने कहा कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, जो 2016 में लागू हुई, भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के समग्र स्वास्थ्य में सुधार का एक प्रमुख कारक रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस ढांचे ने कंपनियों को समय के साथ बेहतर क्रेडिट रेटिंग प्राप्त करने में भी मदद की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य संकटग्रस्त संपत्तियों का समाधान करना है, न कि केवल बकाया राशि की वसूली करना।

यह भी पढ़ें: 1 अप्रैल से बदल जाएगा UPI और कार्ड पेमेंट का तरीका! टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य; जानें अब कैसे होगा लेनदेन

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आईबीसी व्यवहार्य व्यवसायों को बचाने और उद्यम मूल्य को संरक्षित करते हुए वित्तीय संकट को दूर करने का एक ढांचा है। आईबीसी का उद्देश्य कभी भी ऋण वसूली का साधन बनना नहीं था।

Lok sabha passes ibc amendment bill to speed up insolvency process

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 30, 2026 | 03:07 PM

Topics:  

  • Business News
  • Nirmala Sitharaman
  • Today Business News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.