लोन लेते समय बस ये गलतियां मत करना, वरना बन जाएगा जी का जंजाल
Loan Details: पैसे की जरूरत कब पड़े, कोई नहीं जानता। कभी मेडिकल इमरजेंसी, कभी घर में अचानक खर्चे। ऐसी स्थितियों में लोग Loan Against Property (LAP) का सहारा लेते हैं।
- Written By: रंजन कुमार
लोन। इमेज-एआई
What Precautions to Take While Taking a Loan: आपके नाम या जीवनसाथी के नाम कोई प्रॉपर्टी है तो उसके बदले बैंक से आसानी से लोन ले सकते हैं। हालांकि, संपत्ति पर ऋण (LAP) लेते समय कुछ गलतियां लोगों से होती हैं। उस कारण आगे जाकर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संपत्ति पर ऋण (LAP) यानी प्रॉपर्टी गिरवी रखकर बैंक से लोन लेना। यह घर, दुकान, ऑफिस, गोदाम या फैक्ट्री जैसी प्रॉपर्टी पर मिल सकता है। ये सिक्योर्ड लोन होता है। दरअसल, बैंक के पास आपकी प्रॉपर्टी पर पहला हक होता है। इस लोन का इस्तेमाल आप बिजनेस, फैमिली, मेडिकल या बड़े खर्च के लिए कर सकते हैं। जानिए वो 6 गलतियां जिसे करने से बचना चाहिए।
बिना होमवर्क किए लोन लेना
लोग जल्दबाजी में लोन ले लेते हैं। बैंक की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोज़र चार्ज, ईएमआई (EMI) का स्ट्रक्चर सबकी तुलना जरूरी है। सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। हर बैंक की कुल लागत अलग-अलग होती है। ऐसे में बेहतर है कि ज्यादा नए बैंक न आजमाएं, बल्कि जिस बैंक में आपका अच्छा ट्रांजैक्शन हिस्ट्री है, वहीं बात करें।
सम्बंधित ख़बरें
Toy Export: भारत में बने खिलौनों का दुनिया में डंका, 7 साल में 89% बढ़ा एक्सपोर्ट
Gold-Silver Rate Today: सोना 50,912 रुपये तक सस्ता हुआ, आधी कीमत पर मिल रही है चांदी, जानें आज का ताजा भाव
Share Market: शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, गिरावट के साथ खुले निफ्टी-सेंसेक्स; निवेशकों के हजारों करोड़ स्वाहा
8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग पर आया अपडेट; क्या जल्द बढ़ने वाली है सैलरी?
लोन की गलत अवधि तय करें
टेन्योर यानी लोन की अवधि बहुत अधिक मायने रखती है। लंबी अवधि में EMI कम और ब्याज ज्यादा भरना पड़ता है। छोटी अवधि में EMI अधिक है, लेकिन कुल लागत कम आती है। जरूरत के आधार पर टेन्योर चुनें। बैंक आपको जल्दी रिपेमेंट की सुविधा देता है तो उसे जरूर इस्तेमाल करें।
एग्रीमेंट को बारीकी से नहीं पढ़ना
लोन एग्रीमेंट में कई शर्तें छोटे फॉन्ट में लिखी होती हैं। इनमें प्रीपेमेंट चार्ज, पेनाल्टी, फोरक्लोजर फीस, लेट पेमेंट चार्ज सब होते हैं। इन्हें अच्छे से पढ़ें। आपकी और बैंक की क्या जिम्मेदारियां हैं, ये जानना जरूरी है। बाद में सरप्राइज चार्ज न लग जाए।
सिर्फ मंजूरी मिलने का इंतजार करना
लोन का असली फायदा तब है, जब समय पर पैसा अकाउंट में आ जाए। कई बैंक समय पर लोन नहीं देते। आमतौर पर LAP में 7 दिन लगते हैं। मगर, देरी होने पर आपकी जरूरत का समय निकल जाता है। जरूरत तुरंत है तो ऐसा बैंक चुनें, जो समय पर लोन जारी करे।
LAP के स्मार्ट विकल्प न देखना
हर LAP EMI वाला लोन नहीं होता। कुछ बैंक ओवरड्राफ्ट LAP, Interest-Only Loans जैसे विकल्प देते हैं। एक साल बाद लंपसम रकम मिलने वाली है तो सिर्फ ब्याज वाला विकल्प चुन सकते हैं। बाद में पूरा प्रिंसिपल चुका सकते हैं। बिजनेस वालों के लिए OD LAP बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि ब्याज सिर्फ इस्तेमाल हुई रकम पर लगता है।
यह भी पढ़ें: खुशखबरी! अब चांदी गिरवी रखकर बैंक से ले सकेंगे लोन, जानें पूरा प्रोसेस, सुरक्षा और सबकुछ
CIBIL स्कोर को हल्के में लेना
कई लोग यह सोचते हैं कि LAP Secured Loan है। इस कारण CIBIL स्कोर मायने नहीं रखता। बैंक हर लोन के लिए क्रेडिट हिस्ट्री देखता है। अच्छा स्कोर है तो कम ब्याज दर और बेहतर शर्तें मिल सकती हैं, इसलिए LAP लेने से पहले CIBIL स्कोर जरूर सुधारें।
