पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था: क्या सरकार पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने वाली है?
Abolishing Old Regime: 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा। 80% करदाताओं के नई व्यवस्था में आने के बाद, बजट 2026 में पुरानी टैक्स व्यवस्था को खत्म करने का बड़ा ऐलान हो सकता है।
- Written By: प्रिया सिंह
पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था (सोर्स-सोशल मीडिया)
Future of Old Tax Regime India 2026: भारत सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू करने की तैयारी में है, जो दशकों पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और जटिल कानूनी शब्दावली को हटाना है ताकि आम आदमी आसानी से अपना टैक्स भर सके।
बजट 2026 में इस बात की प्रबल संभावना है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने की समय-सीमा की घोषणा कर दी जाए। सरकार का स्पष्ट झुकाव नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) की ओर है, जिसे पहले ही डिफॉल्ट विकल्प बना दिया गया है और जिसमें ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है।
नई बनाम पुरानी: क्या है वर्तमान स्थिति?
वर्तमान में आयकर दाताओं के पास दो विकल्प मौजूद हैं, पुरानी व्यवस्था, जिसमें 80C और HRA जैसी कई छूट मिलती हैं और नई व्यवस्था, जिसमें दरें कम हैं लेकिन छूट सीमित हैं। सरकार के हालिया आंकड़ों के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत करदाता पहले ही नई टैक्स व्यवस्था में स्थानांतरित हो चुके हैं। सरकार ने नई व्यवस्था को इतना आकर्षक बना दिया है कि ₹24 लाख से अधिक की आय पर ही अब 30% का उच्चतम टैक्स लगता है, जबकि पुरानी व्यवस्था में यह सीमा मात्र ₹10 लाख थी।
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नया इनकम टैक्स एक्ट 2025
सीबीडीटी (CBDT) के अध्यक्ष ने हाल ही में अधिकारियों को 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। यह नया कानून ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ जैसे भ्रमित करने वाले शब्दों को हटाकर केवल ‘टैक्स ईयर’ की अवधारणा पेश करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव पुराने टैक्स ढांचे के अंत की शुरुआत हो सकता है, क्योंकि सरकार अब एक एकल और सरल कर प्रणाली चाहती है।
क्या पुरानी व्यवस्था रातों-रात खत्म होगी?
हालांकि सरकार पुरानी व्यवस्था को खत्म करना चाहती है, लेकिन अचानक ऐसा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। करोड़ों करदाताओं ने होम लोन और बीमा पॉलिसियों में निवेश पुरानी व्यवस्था की छूट (Section 80C, 24b) को ध्यान में रखकर किया है। बजट 2026 में वित्त मंत्री यह घोषणा कर सकती हैं कि पुरानी व्यवस्था को अगले 1-2 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा। इसके साथ ही, नई व्यवस्था में होम लोन के ब्याज पर छूट जैसे कुछ चुनिंदा लाभ जोड़ने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: टैक्स स्लैब में बदलाव, क्या ₹24 लाख से ऊपर की कमाई पर 30% टैक्स की सीमा बढ़ेगी?
करदाताओं पर इसका प्रभाव
अगर पुरानी व्यवस्था खत्म होती है, तो उन लोगों को अधिक टैक्स देना पड़ सकता है जो निवेश के जरिए अपनी आय को टैक्स-फ्री रखते थे। हालांकि, नई व्यवस्था में टैक्स स्लैब का विस्तार और बढ़ी हुई रिबेट इस नुकसान की भरपाई कर सकती है। बजट 2026 में ₹30 लाख तक की आय को 30% के दायरे से बाहर रखने की चर्चा है, जिससे उच्च आय वर्ग को राहत मिलेगी। सरकार का अंतिम लक्ष्य एक ऐसी व्यवस्था है जहां किसी भी कागजी कार्रवाई के बिना सीधा और पारदर्शी टैक्स भुगतान हो सके।
