Yoga Economy: योग इकोनॉमी का कारोबार 12 लाख करोड़ के पार, दुनिया भर में योग का बिजनेस बढ़ा

Yoga Economy Growth: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत और पूरी दुनिया में योग का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है जिससे ग्लोबल मार्केट में काफी बड़ा उछाल आया है।
Yoga Economy: Global Yoga Market Size Crosses 12 Lakh Crore In Business India Follows
योग का कारोबार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Yoga Economy Market Size 12 Crosses Plus: योग जो सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है वह आज पूरी दुनिया में अपनी एक मजबूत पहचान बना चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यह बात सामने आई है कि योग अब एक बहुत बड़ी ग्लोबल इंडस्ट्री का रूप ले चुका है। आज की भारी तनाव भरी जिंदगी में शारीरिक और मानसिक शांति की तलाश ने सभी लोगों को इसकी तरफ मोड़ा है। इसके कारण दुनिया भर में योग का कारोबार बहुत ही तेजी के साथ कई गुना नई और बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।

योग की पावन जन्मभूमि भारत से लेकर अमेरिका और यूरोप तक योग का बाजार अब अरबों डॉलर में पहुंच चुका है। रिसर्च एजेंसियों के हालिया और सटीक आंकड़े गवाही देते हैं कि आने वाले समय में यह बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ेगा। देश के जाने-माने योग गुरु जैसे बाबा रामदेव और श्रीश्री रविशंकर ने इसे लोकल से ग्लोबल स्तर तक पहुंचाया है। यह योग न केवल लोगों के शरीर की सेहत बना रहा है बल्कि दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्था को भी ताकत दे रहा है।

भारत में योग का विशाल कारोबार

भारत में योग का बाजार बहुत ही अभूतपूर्व गति से लगातार आगे बढ़ रहा है जिससे आम जनता को बड़ा फायदा है। एक अहम रिसर्च के अनुसार साल 2025 में भारत के योगा मार्केट का साइज 57,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था। इस विशाल बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफलाइन योग कोर्सेज और पारंपरिक योग स्टूडियो के पास सुरक्षित रखा गया है। डिजिटल क्रांति के बाद से ही ऑनलाइन योग क्लास और वेलनेस ऐप्स भी बहुत तेजी से बढ़ने वाले मुख्य सेगमेंट बने हैं।

दुनिया में योग का बाजार साइज

ग्लोबल स्तर पर योग का बाजार बहुत ही ज्यादा विशाल और मजबूत आकार ले चुका है जो अर्थव्यवस्था के लिए अद्भुत है। ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार साल 2025 में ग्लोबल योगा मार्केट 127 बिलियन डॉलर यानी 12 लाख करोड़ के पार था। इस भारी भरकम बाजार में योग स्टूडियो, ऑनलाइन कोर्सेज के अलावा योगा मैट और तमाम कपड़े भी पूरी तरह शामिल हैं। फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार उत्तरी अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे बड़ा और प्रमुख योग बाजार बन चुका है।

महिलाओं और युवाओं में भारी क्रेज

वैश्विक और घरेलू दोनों ही बाजारों में योग अपनाने वालों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी अधिक पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार योग बाजार के कुल कंज्यूमर्स में लगभग 70 फीसदी भारी भागीदारी केवल महिलाओं की दर्ज की गई है। उम्र के हिसाब से इस बाजार में सबसे बड़ी 55 फीसदी हिस्सेदारी 30 से 49 वर्ष के कामकाजी प्रोफेशनल्स की ही है। इसके बाद 18 से 29 वर्ष का युवा वर्ग है जो अपनी बेहतर फिटनेस के लिए योग की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहा है।

भविष्य में 25 लाख करोड़ की उम्मीद

योग के शानदार बिजनेस का भविष्य बेहद ही उज्ज्वल है और 2033 तक इसके कुल रेवेन्यू में भारी उछाल जरूर आएगा। भारतीय योग बाजार 2026 से 2033 के बीच शानदार ग्रोथ रेट से बढ़ते हुए 1.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। वैश्विक स्तर पर योगा का बाजार साल 2033 तक 269.1 बिलियन डॉलर यानी करीब 25 लाख करोड़ का विशाल आकार ले लेगा। यह स्पष्ट साबित करता है कि पूरी दुनिया अब संपूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य की ओर बहुत ही तेजी से कदम बढ़ा रही है।

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