यशवंत सिन्हा का पुणे में बड़ा दावा; देश की वास्तविक विकास दर 7.7% नहीं सिर्फ 2.7%, सरकारी आंकड़े भ्रामक

India Real GDP Growth Rate: पुणे में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने दावा किया है कि देश की वास्तविक जीडीपी दर केवल 2.7% है। उन्होंने सरकारी आंकड़ों और आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।
In Pune, former Finance Minister Yashwant Sinha claimed India's real GDP growth is only 2.7% and labeled the central government's economic data as misleading.
यशवंत सिन्हा (सोर्स: फाइल फोटो/सोशल मीडिया)
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Yashwant Sinha Pune speech GDP Growth Rate: देश की अर्थव्यवस्था का सही आकलन और प्रभावी नीतियों का निर्माण तभी संभव है, जब वास्तविक आर्थिक आंकड़े पारदर्शी तरीके से सामने आएं। वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जा रहे आंकड़े पूरी तरह भ्रामक हैं। देश की वास्तविक विकास दर इस समय 7.7 प्रतिशत नहीं, बल्कि केवल 2.7 प्रतिशत के आसपास है। यह सनसनीखेज दावा भारत के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने पुणे शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पत्रकार भवन में आयोजित एक विशेष परिसंवाद में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किया।

'आज की भारतीय अर्थव्यवस्था' विषय पर आधारित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने की। इस दौरान पूर्व भाजपा नेता सिन्हा ने देश के आर्थिक आंकड़ों की क्रेडिबिलिटी पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का हवाला देते हुए कहा कि संस्था ने भारत की आंकड़ा एकत्र करने वाली प्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे 'सी' ग्रेड दिया था। सरकारी आंकड़ों और वास्तविक जमीनी स्थिति में 4 से 5 प्रतिशत का भारी अंतर है। यदि हमारी बुनियाद यानी मूल आंकड़े ही गलत होंगे, तो उनके आधार पर तैयार की जाने वाली नीतियां कभी प्रभावी नहीं हो सकतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ठोस काम करने के बजाय केवल प्रचार और अपनी कृत्रिम छवि चमकाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

काले धन पर कार्रवाई का दावा भी खोखला साबित

सिन्हा ने देश के निवेश, रोजगार और बैंकिंग प्रणाली पर भी तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से घरेलू बचत और निवेश जीडीपी के 33 प्रतिशत पर स्थिर है। सरकार वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना दिखा रही है, लेकिन इसके लिए आवश्यक न्यूनतम 8 प्रतिशत की निरंतर विकास दर दूर-दूर तक नजर नहीं आती। नोटबंदी का कोई भी घोषित उद्देश्य पूरा नहीं हुआ और सारा पैसा वापस बैंकों में लौट आया, जिससे काले धन पर कार्रवाई का दावा खोखला साबित हुआ।

घरेलू निवेशकों की सुरक्षा और विदेशी निवेश में आई गिरावट भी बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा उन्होंने एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से रोजगार पर संकट, कमजोर मानसून का ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर और अमेरिकी आयात शुल्क पर सरकार की निष्क्रयता को भी रेखांकित किया।

इस अवसर पर पुणे शहर पूर्व विभाग कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जगताप, नीलिमा सिन्हा, पूर्व विधायक मोहन जोशी, कांग्रेस नेता चंदुशेठ कदम, प्रवक्ता गोपाल तिवारी, सुनील शिंदे और दीपाली डोख सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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