भारत में कम हुई बेरोजगारी दर, जुलाई में सिर्फ 5.2% रहा; गांव से ज्यादा शहरों में बेरोजगार
Unemployment Rate in India: रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में नौकरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। नई औद्योगिकी जैसे आईटी, टेलिकॉम, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर ने रोजगार के आंकड़े को बढ़ाया।
- Written By: मनोज आर्या
जुलाई में भारत की बेरोजगारी दर में गिरावट, (फाइल फोटो)
July Unemployment Rate of India: देश के आर्थिक मोर्चे पर एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, जुलाई 2025 में भारत की बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत पर आ गई है, जो कि पिछले तीन महीनों में सबसे कम है। इससे पहले जून महीने में बेरोजगारी दर 5.6 प्रतिशत रही थी। सोमववार को केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बेरोजगारी दर को लेकर लेटेस्ट आंकड़े जारी किए हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी किए रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में नौकरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। नई औद्योगिकी जैसे आईटी, टेलिकॉम, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर ने रोजगार के आंकड़े को बढ़ाया है। हालांकि, गांव के मुकाबले शहरों में बेरोजगारी ज्यादा है। छोटे और मध्यम उद्योगों में भी भर्तियां बढ़ी हैं, जिससे गांव और कस्बों में रोजगार का स्तर सुधरा है।
शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगारी दर
शहरी क्षेत्र के 7.2 प्रतिशत के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत रही। पुरुषों की बेरोजगारी दर (4.6%) की तुलना में महिलाओं में यह दर (8.7%) ज्यादा है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। यह डेटा बताता है कि शहरों में महिलाओं को रोजगार ढूंढने में पुरुषों की तुलना में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई 2025 में, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) 52.0% है। WPR यह बताता है कि कुल आबादी में से कितने लोग वास्तव में रोजगार में हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में WPR 54.4% था, जो शहरी क्षेत्रों के 47.0% से ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला WPR 35.5% था, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 23.5% था। इससे पता चलता है कि ग्रामीण भारत में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी शहरी महिलाओं की तुलना में अधिक है।
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श्रम बल भागीदारी दर में भी इजाफा
जुलाई 2025 में, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 54.9 प्रतिशत रही। LFPR का मतलब है कि काम करने के लिए उपलब्ध या काम कर रहे लोगों की कुल संख्या। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में LFPR ज्यादा रही। गांव में ये 56.9% थी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 50.7% रही। जेंडर के आधार पर पुरुषों की LFPR (77.1%) महिलाओं की 33.3 प्रतिशत की तुलना में बहुत ज्यादा रही। यह डेटा बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के इच्छुक लोगों की संख्या शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक है।
