‘शतक’ की ओर बढ़ रहा रुपया…डॉलर के मुकाबले 94 का लेवल भी पार, प्वाइंट्स में समझें गिरावट की वजह
Indian Rupee Crash: भारतीय रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर ₹94.24 पर पहुँचा! मिडिल ईस्ट संकट और डॉलर की बढ़ती मांग ने बढ़ाई चिंता। शेयर बाजार में गिरावट और कच्चे तेल के आयात का रुपये पर भारी दबाव।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सांकेतिक तस्वीर (AI)
Rupee vs Dollar Exchange Rate: आज 27 मार्च को भारतीय रुपया 28 पैसे गिरकर ₹94.24 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। शेयर बाजार और ग्लोबल मार्केट में मचे घमासान के बीच भारतीय रुपये में शुक्रवार को जोरदार गिरावट आई।
शुरुआती कारोबार में ही रुपया 28 पैसे टूटकर ₹94.24 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले इसी हफ्ते रुपया ₹93.98 पर बंद हुआ था, लेकिन आज उसने उस रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है।
ईरान जंग से 3.5% कमजोर हुआ रुपया
गौरतलब है कि पिछले महीने ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से रुपया लगभग 3.5% कमजोर हो चुका है। मिडिल ईस्ट में जारी संकट और युद्ध ने भारतीय रुपये पर भारी दबाव डाला है। निवेशकों को चिंता है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो तेल की सप्लाई और भी महंगी हो जाएगी। भारत अपनी आवश्यकता का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, और जब डॉलर महंगा होता है, तो रुपये की वैल्यू कम हो जाती है।
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रुपये की गिरावट की वजह
1. ईरान युद्ध का गहराता संकट
निवेशकों को डर है कि अगर पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की स्थिति और गंभीर हुई, तो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से ज्यादा आयात करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
2. डॉलर की बढ़ती डिमांड
दुनिया भर में मचे कोहराम और अनिश्चितताओं के बीच निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी डॉलर की तरफ भाग रहे हैं। जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो अन्य मुद्राएं, जैसे रुपये, कमजोर होने लगती हैं।
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3. शेयर बाजार में गिरावट
आज भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी भी 1% से ज्यादा गिर चुके हैं। जब विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर दूसरे देशों में निवेश करते हैं, तो इसका असर रुपये की वैल्यू पर पड़ता है और यह और कमजोर हो जाता है।
