ग्लोबल मंदी के बीच भारत की बादशाहत बरकरार! 7.4% की रफ्तार से दुनिया में सबसे तेज बढ़ेगी देश की इकोनॉमी
Indian Economy: भारत इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में भी ग्लोबल लीडर बनकर उभरा। साल के दौरान एनएसई पर कुल 220 आईपीओ लिस्ट हुए, जिनसे 1.78 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए।
- Written By: मनोज आर्या
(कॉन्सेप्ट फोटो)
India GDP Growth Rate 2026: भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा और जीडीपी की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ओर से सोमवार को जारी की गई मार्केट पल्स रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट में 2025 के दौरान मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता, निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और पूंजी बाजार में कंपनियों द्वारा रिकॉर्ड फंड जुटाने की गतिविधि के बारे में बताया गया है।
जीडीपी के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, स्थिर घरेलू मांग और सरकारी खर्च के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि वैश्विक समकक्षों से काफी आगे रही। दूसरी तरफ महंगाई भी काबू में रही है और आरबीआई की ओर से निर्धारित किए गए महंगाई के बैंड से नीचे बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंक को रेपो रेट में 125 आधार अंकों की कटौती करने का मौका मिला है।
700 अरब डॉलर के पास पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार
मजबूत सर्विसेज निर्यात के कारण भारत के एक्सटर्नल सेक्टर की स्थिति मजबूत बनी हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के आंकड़े के आसपास बना हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि पूंजीगत बाजारों में रिकॉर्ड फंडिंग देखने को मिली है और 2025 में एनएसई पर कंपनियों ने 19.6 लाख करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई थी, जो कि ऑल-टाइम हाई है और पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है।
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यह रकम इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर को दिए गए नेट बैंक क्रेडिट से दोगुनी से भी ज्यादा थी। 19.6 लाख करोड़ रुपए में से 15.1 लाख करोड़ रुपए की रकम डेट मार्केट के जरिए जुटाई गई है, जबकि 4.2 लाख करोड़ रुपए की रकम इक्विटी मार्केट के जरिए जुटाई गई है।
IPO में ग्लोबल लीडर बनकर उभरा भारत
भारत इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में भी ग्लोबल लीडर बनकर उभरा। साल के दौरान एनएसई पर कुल 220 आईपीओ लिस्ट हुए, जिनसे 1.78 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। बाजारों में निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। यूनिक निवेशकों की संख्या बढ़कर 12.5 करोड़ हो गई, जबकि कुल क्लाइंट अकाउंट 24 करोड़ के पार हो गए हैं।
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2025 में नए निवेशकों की संख्या में गिरावट
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, 2024 में 2.3 करोड़ की तुलना में 2025 में नए निवेशकों की संख्या 1.6 करोड़ तक कम हो गई। यह बाजारों से किसी तरह की निकासी के बजाय सामान्य स्थिति को दर्शाता है। पिछले पांच सालों में लगभग 70 प्रतिशत निवेशक अकाउंट जोड़े गए हैं।
