पूरी दुनिया में गूंजा भारत का डंका! ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में भारत बना नंबर-2, अमेरिका को भी पछाड़ा
Global Construction Growth Report: 2024 में दुनिया में कंस्ट्रक्शन पर खर्च 15.97 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया और 2028 तक इसके बढ़कर 19.86 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो 5.6 प्रतिशत की सीएजीआर है।
- Written By: मनोज आर्या
कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Global Construction Growth Report: वर्ष 2020 से 2030 के बीच ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में योगदान देने वाला भारत दूसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। जर्मनी की वेंचर कैपिटल फर्म ‘फाउंडामेंटल’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में भारत और चीन की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, पूंजीगत खर्च तेजी से पांच देशों में केंद्रित हो रहा है, जिसमें भारत, चीन, अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं।
फाउंडामेंटल के को-फाउंडर और जनरल पार्टनर शुभंकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2020 से 2030 के बीच वॉल्यूम के हिसाब से ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में भारत का हिस्सा 14.1 प्रतिशत है, औक यह चीन के 26.1 प्रतिशत के बाद दूसरे स्थान पर है। वहीं, अमेरिका 11.1 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
दुनिया में कंस्ट्रक्शन पर कितना खर्च हुआ?
2024 में दुनिया में कंस्ट्रक्शन पर खर्च 15.97 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया और 2028 तक इसके बढ़कर 19.86 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो 5.6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) है। इस कुल खर्च में इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ने वाला मुख्य कंस्ट्रक्शन सेक्टर है, जो 2020 और 2025 के बीच 5.1 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ा है। भारत में यह रफ्तार काफी ज्यादा है। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट के इस दशक के अंत तक सालाना लगभग 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो ग्लोबल दर से काफी ज्यादा है।
सम्बंधित ख़बरें
नौकरीपेशा लोगों की चांदी, 11.2% तक बढ़ेगी सैलरी! जानिए किस सेक्टर में होगी बंपर सैलरी हाइक
Gold-Silver Rate Today: भारत में सोने चांदी की कीमतों में फिर सुस्ती, जानें अपने शहर का ताजा भाव
Share Market Today: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 511 अंकों की भारी उछाल के साथ 74035 पर खुला
एयरपोर्ट की तरह हाइटेक होंगे भारत के लैंड पोर्ट्स, अमित शाह आज लॉन्च करेंगे लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम
बड़ी अर्थव्यवस्थाओं तक निवेश सीमित
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1960 के बाद से वैश्विक सकल अचल पूंजी निर्माण में लगभग 30 गुना बढ़ोतरी हुई है, और यह निवेश कुछ चुनिंदा बड़ी अर्थव्यवस्थाओं तक ही सीमित होता जा रहा है। भट्टाचार्य ने कहा कि ग्लोबल कंस्ट्रक्शन पर होने वाला खर्च पहले के अनुमानों से कहीं अधिक हो गया है और इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज, एनर्जी सिस्टम, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए मौके बन रहे हैं।
रिपोर्ट का अनुमान है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग की वजह से ग्लोबल डेटा सेंटर कंस्ट्रक्शन मार्केट 2018 के मुकाबले 2030 तक दोगुना हो जाएगा, जिससे डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर 2030 तक सबसे तेजी से बढ़ने वाले कंस्ट्रक्शन सेगमेंट में से एक बन जाएगा।
यह भी पढ़ें: नौकरीपेशा लोगों की चांदी, 11.2% तक बढ़ेगी सैलरी! जानिए किस सेक्टर में होगी बंपर सैलरी हाइक
फायदा उठाने की स्थिति में भारत
भट्टाचार्य ने कहा कि 2030 तक डेटा सेंटर कंस्ट्रक्शन ग्लोबल कंस्ट्रक्शन मार्केट में 10 से 15 प्रतिशत तक का योगदान दे सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत कई लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ट्रेंड्स से एक साथ फायदा उठाने की स्थिति में है, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, एनर्जी ट्रांज़िशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और शहरीकरण शामिल हैं।
