E20 के बाद अब E100 की बारी! क्या भारत अपना रहा है ब्राजील का एथेनॉल मॉडल? जानें यह कैसे काम करता है
India Brazil Ethanol: भारत में E20 पेट्रोल के बाद अब E25, E85 और E100 ईंधन लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार ने नियमों में बदलाव के जरिए ब्राजील जैसा एथेनॉल इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य रखा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक फोटो, सो. AI
India Brazil Ethanol Model News In Hindi: भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। देश में 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) की सफलता के बाद, अब केंद्र सरकार E25, E30, E85 और यहां तक कि E100 ईंधन को लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना को सफल बनाने के लिए भारत, दुनिया के सबसे सफल एथेनॉल बाजार यानी ब्राजील के मॉडल का गहराई से अध्ययन कर रहा है।
टैक्स में छूट और नियमों में बड़े बदलाव
सरकार ने हाल ही में एथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। इसके तहत 22% से 30% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E22-E30) को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) से पूरी तरह छूट दे दी गई है। इस छूट के बाद अब इन उच्च-मिश्रण वाले ईंधनों का टैक्स ट्रीटमेंट मौजूदा E20 पेट्रोल के बराबर हो गया है, जो वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है।
इसके अलावा, सरकार ने E85 और E100 को आधिकारिक मान्यता देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (CMVR) में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा है। यह कदम देश के वाहन और ईंधन इकोसिस्टम को अगले चरण के लिए तैयार करने का एक स्पष्ट संकेत है।
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फ्लेक्स फ्यूल वाहनों पर जोर
सरकार की इस रणनीति के दो मुख्य पहलू हैं। पहला कदम मौजूदा पेट्रोल कारों के लिए एथेनॉल ब्लेंड को धीरे-धीरे बढ़ाना है। वहीं, दूसरा कदम Flex Fuel Vehicles को सड़कों पर लाना है। ये ऐसी गाड़ियां हैं जो अपनी डिजाइन के कारण पेट्रोल और एथेनॉल के किसी भी मिश्रण पर आसानी से चल सकती हैं। हालांकि, भारतीय बाजार में इन वाहनों के बड़े पैमाने पर आने में अभी कुछ समय लगेगा।
क्या है ब्राजील का एथेनॉल मॉडल?
भारत जिस दिशा में बढ़ रहा है, ब्राजील वहां दशकों पहले पहुंच चुका है। 1970 के दशक में तेल संकट के जवाब में ब्राजील ने अपना एथेनॉल कार्यक्रम शुरू किया था। आज वहां लगभग हर पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को यह विकल्प मिलता है कि वे 27% से 32% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल भरवाएं या फिर सीधे E100 यानी शुद्ध हाइड्रस एथेनॉल का इस्तेमाल करें।
ब्राजील में एथेनॉल की सफलता का राज वहां की सरकारी नीतियां और मूल्य समर्थन है। वहां एथेनॉल अक्सर पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता मिलता है, जिससे उपभोक्ता खुद इसे चुनते हैं। इसके अलावा, ब्राजील में यह भी माना जाता है कि एथेनॉल आधारित ईंधन से वाहनों को बेहतर एक्सेलरेशन मिलता है।
ब्राजील इंडिया एथेनॉल मॉडल, फोटो AI
भारत के लिए क्या होंगी चुनौतियां?
भारत और ब्राजील के बीच एक बड़ा अंतर यह है कि वर्तमान में भारतीय उपभोक्ताओं के पास पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग ईंधन मिश्रण चुनने का विकल्प नहीं है। हालांकि, भारत अपनी एथेनॉल उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है।
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आंकड़ों के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 तक भारत की एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़कर 1,953 करोड़ लीटर प्रतिवर्ष तक पहुंच चुकी है। सरकार का मानना है कि गन्ने और अन्य फसलों से बने एथेनॉल का अधिक उपयोग न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि करेगा।
