IFC को मिला इंडीग्रिड का सहारा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए मिलेगी मदद
वर्ल्ड बैंक के मेंबर आईएफसी ने सबसे बड़ी बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए इंडीग्रिड को 460 करोड़ रुपये देने के प्रति प्रतिबद्धता जतायी है। इसे ग्रीन एनर्जी सपोर्ट के लिए डिजाइन किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
भारत की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : वर्ल्ड बैंक ग्रुप के मेंबर इंटरनेशनल फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन यानी आईएफसी ने गुरुवार को गुजरात में भारत की सबसे बड़ी सिंगल बेस पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन के लिए इंडीग्रिड को 460 करोड़ रुपये देने की बात कही है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि इस प्रोजेक्ट को ग्रिड स्थिरता को बढ़ाकर और मैक्सिमम डिमांड के दौरान विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराकर राज्य के ग्रीन एनर्जी टारगेट का सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाने के लिए डिजायन किया गया है।
बयान के अनुसार, 5.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 460 करोड़ रुपये का लॉन्ग टर्म फंडिंग लिस्टेड गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें आईएफसी के अपने अकाउंट से 3.85 करोड़ डॉलर और क्लिन टेक्नोलॉजी फंड से 1.65 करोड़ डॉलर का रियायती सपोर्ट शामिल होगा, जो वर्ल्ड बैंक द्वारा ऑपरेटेड जलवायु निवेश निधि ढांचे के अंतर्गत मल्टी डोनर ट्रस्ट फंड्स में से एक है।
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दक्षिण एशिया के लिए आईएफसी के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन फाखौरी ने कहा है कि विश्वसनीय, सस्ती बिजली तक पहुंच का विस्तार करना विकास और उभरते बाजारों में आईएफसी के मिशन का केंद्र है। बैटरी ऊर्जा भंडारण भारत के ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने और मांग के उच्चतम होने पर स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है।
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ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि भारत में इको फ्रेंडली और समावेशी बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने में इंडीग्रिड, आईएफसी का एक विश्वसनीय पार्टनर रहा है। बयान के अनुसार, वर्तमान इंवेस्टमेंट साल 2030 तक 100 गीगावाट रिन्यूऐबरल कैपेसिटी हासिल करने के गुजरात के टारगेट का सपोर्ट करता है और अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का बिजली क्षेत्र संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, क्योंकि देश 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
