
नकली GST नोटिस (सोर्स-सोशल मीडिया)
Verify Fake GST Notice Online: आज के डिजिटल दौर में जालसाज छोटे व्यापारियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी विभागों के नाम पर फर्जीवाड़े का सहारा ले रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां व्यापारियों को हूबहू विभाग जैसा दिखने वाला नकली GST नोटिस भेजकर डराया गया और मोटी रकम वसूली गई। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए एक सरल सत्यापन प्रक्रिया जारी की है ताकि निर्दोष नागरिक ठगी का शिकार न हों। व्यापारियों को अब किसी भी नोटिस पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उसे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर कुछ ही सेकंड में सत्यापित करना अनिवार्य हो गया है।
साइबर अपराधी GST विभाग के लोगो और सरकारी भाषा का इस्तेमाल करके बिल्कुल असली जैसा दिखने वाला नोटिस तैयार करते हैं। वे व्यापारियों को दंड और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाते हैं जिससे लोग घबराकर गलत कदम उठा लेते हैं। विभाग के अनुसार इन नोटिसों में दिए गए DIN नंबर ही उनकी असलियत पहचानने का सबसे बड़ा और एकमात्र जरिया होते हैं।
डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) GST विभाग द्वारा भेजे जाने वाले हर आधिकारिक बातचीत के लिए एक विशिष्ट पहचान कोड होता है। यह नंबर “CBIC-YYYY MM ZCDR NNNN” जैसे एक निश्चित फॉर्मेट में नोटिस के ऊपर स्पष्ट रूप से अंकित रहता है। अगर आपके नोटिस पर यह नंबर नहीं है या यह गलत फॉर्मेट में है तो समझ लें कि यह पूरी तरह फर्जी है।
नोटिस की सत्यता जांचने के लिए सबसे पहले आपको आधिकारिक CBIC पोर्टल पर जाना होगा और वहां ‘ऑनलाइन सर्विसेज’ टैब को चुनना होगा। इसके बाद ‘Verify CBIC DIN GST’ विकल्प पर क्लिक करें जहां आपको प्राप्त नोटिस पर लिखा हुआ DIN नंबर दर्ज करना होगा। जैसे ही आप सबमिट बटन दबाएंगे सिस्टम आपको तुरंत संदेश दिखा देगा कि वह दस्तावेज विभाग द्वारा जारी किया गया है या नहीं।
@MahaCyber1 @GST_Council @Infosys_GSTN @nsitharaman @FinMinIndia This first Number pretends to be As GST Officer and wanted money, When I Asked from which place She is calling you? she got Angry and asked me to be ready for Consequences.@DGPMaharashtra @GST_MUMBAIWEST pic.twitter.com/0Eut7r2Vu6 — Chandresh Dave. (@golsfir) January 9, 2026
अगर स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज दिखाई देता है तो इसका अर्थ है कि आपका नोटिस विभाग द्वारा प्रमाणित और पूरी तरह असली है। लेकिन अगर पोर्टल पर ‘No Record Found’ या कोई त्रुटि संदेश आता है तो वह दस्तावेज निश्चित रूप से किसी जालसाज द्वारा भेजा गया है। ऐसे मामलों में व्यापारी को बिना डरे तत्काल संबंधित विभाग या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करना चाहिए।
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फर्जी GST नोटिस मिलने की स्थिति में व्यापारियों को इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत साइबर सेल को 1030 नंबर पर कॉल करके रिपोर्ट करना चाहिए। आपकी एक त्वरित रिपोर्ट न केवल आपको बचा सकती है बल्कि अन्य छोटे व्यापारियों को भी इस बड़े घोटाले का शिकार होने से रोक सकती है। डिजिटल सुरक्षा के लिए हमेशा आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही भुगतान और संवाद करना सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।
Ans: यह नंबर आमतौर पर नोटिस के ऊपरी हिस्से में दाईं या बाईं ओर "CBIC-YYYY..." फॉर्मेट में साफ तौर पर छपा होता है।
Ans: अत्यंत विशेष परिस्थितियों को छोड़कर विभाग द्वारा जारी हर वैध नोटिस पर डीआईएन नंबर होना अनिवार्य है; इसके बिना यह अवैध माना जा सकता है।
Ans: नहीं, CBIC पोर्टल पर डीआईएन नंबर का सत्यापन करने की सेवा पूरी तरह मुफ्त है और इसे कोई भी नागरिक उपयोग कर सकता है।
Ans: घबराएं नहीं और न ही कोई भुगतान करें; तुरंत इस दस्तावेज के साथ साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
Ans: हां, जालसाज अक्सर फर्जी नंबर लिख देते हैं, लेकिन वे सरकारी डेटाबेस (CBIC पोर्टल) के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाएंगे, इसलिए ऑनलाइन जाँच ही सबसे सटीक है।






