जल्द बदलेगा MRP का फॉर्मूला, कैसे तय होगा चीजों का दाम, ग्राहकों पर कितना असर
MRP Formula Change: किसी भी प्रोडक्ट का कीमत तय करने के लिए MRP सिस्टम का इस्तेमाल होता है। यह उन रिटेलर्स के अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लागू किया गया था, जो ग्राहकों से अधिक पैसे लेते थे।
- Written By: मनोज आर्या
(कॉन्सेप्ट फोटो)
MRP Formula Updation: केंद्र सरकार अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) मूल्य तय करने के फार्मेूले में बड़े बदलाव करने की योजना पर विचार कर रही है। इस बदलाव के जरिए सरकार कंज्यूमर्स को अधिक राहत और बाजार में पारदर्शिता को बढ़ावा देना चाहती है। मिंट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय उपभोक्ता मामलों का विभाग इस मुद्दे पर संबंधित शेयरहोल्डर्स के साथ बातचीत कर रहा है।
हालांकि, यह चर्चा अभी शुरुआती दौर में है। कुछ लोगों का मानना है कि सरकार के इस कदम से मूल्य निर्धारित करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा और अनावश्यक कीमतों में हो रही बढ़ोतरी पर लगाम लगाने में मदद करेगा, जबकि कुछ अन्य लोग यह मान रहे हैं कि वस्तुओं की कीमत तय करने की स्वतंत्रता कम हो सकती है।
कैसे तय होता है MRP?
बता दें कि देश के अंदर किसी भी वस्तु और उत्पाद की कीमत तय करने के लिए प्री-लिबरलाइजेशन के समय से MRP सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता रहा है। जब इसे उन रिटेल सेलर्स के अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लागू किया गया था, जो भोले-भाले ग्राहकों से अत्यधिक कीमत वसूल लेते थे। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जानकार सूत्रों ने बताया कि इस बदलाव का मकसद कीमतों को कंट्रोल करना नहीं है, बल्कि लागत और मुनाफे के हिसाब से इसे उचित कीमत तय करना और गलत तरीके से कारोबार करने वालों की जांच करना है।
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बदलाव के पक्ष में नहीं उद्योग के अधिकारी
16 मई को हुई बैठक में शामिल उद्योग के अधिकारियों ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव से इनकार कर रहे हैं। सभी स्टेक होल्डर्स के साथ हुई बैठक में एमआरपी व्यवस्था के साथ-साथ कई मूल्य निर्धारण मुद्दे पर भी चर्चा की गई। उद्योग संगठनों और उपभोक्ता समूहों से एमआरपी सिस्टम को सुधारने के लिए सुझाव देने को कहा गया है।लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच करने और वजन, माप और लेबल में व्यापार और वाणिज्य को नियंत्रित करने का अधिकार देता है।
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सस्ते या महंगे होंगे सामान?
अगर यह बदलाव होता है तो घरेलू बाजार में चीजें सस्ती होंगी या महंगी, इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि संबंधित विभाग द्वारा इस बदलवा को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। नए फॉर्मूला, यानी लागत, प्रोफिट मार्जिन और अन्य चार्ज के आधार पर तय रेट, मौजूदा दरों से ज्यादा हो सकता है और कम भी। इसके लिए अभी इंतजार करना होगा।
