Wheat Export: केंद्र सरकार ने दी 25 लाख टन गेहूं निर्यात की मंजूरी, 50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा यह आंकड़ा

Wheat Export News: फरवरी 2026 में 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों और 25 एलएमटी गेहूं के निर्यात को मंजूरी दी गई थी। ताजा मंजूरी के साथ अब कुल 50 एलएमटी गेहूं निर्यात की अनुमति दी जा चुकी है।
Wheat Exports: Central Government Approves Export of 2.5 Million Tonnes of Wheat; Total Figure Reaches 5 Million Metric Tonnes
गेहूं निर्यात (फोटो सोर्स- आईएएनएस)
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Wheat Export Approval: केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन की मंजूरी दे दी है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाना और देश के बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा सोमवार को जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय उत्पादन, उपलब्ध भंडार और कीमतों के रुझान की विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 10 मार्च को जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 2025–26 के लिए गेहूं उत्पादन 1,202 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। बयान में कहा गया है कि अच्छे उत्पादन और पर्याप्त भंडार को देखते हुए अतिरिक्त निर्यात की अनुमति देना उचित समझा गया है।

50 एलएमटी गेहूं निर्यात की अनुमति

इससे पहले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने जनवरी 2026 में 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी थी। इसके बाद फरवरी 2026 में 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों और 25 एलएमटी गेहूं के निर्यात को मंजूरी दी गई थी। ताजा मंजूरी के साथ अब कुल 50 एलएमटी गेहूं और 10 एलएमटी गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी जा चुकी है।

अच्छी फसल होने की संभावना

रबी 2026 सीजन में गेहूं की खेती का क्षेत्र बढ़कर लगभग 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 328.04 लाख हेक्टेयर था। यह बढ़ोतरी किसानों के भरोसे को दर्शाती है, जिसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और मजबूत खरीद व्यवस्था का समर्थन मिला है। इससे इस साल अच्छी फसल होने की संभावना भी जताई गई है।

किसानों की बढ़ेगी आय

अतिरिक्त 25 एलएमटी गेहूं के निर्यात की मंजूरी से बाजार में तरलता बढ़ेगी, भंडारण का बेहतर प्रबंधन होगा और फसल के आने के समय किसानों को मजबूरी में सस्ते दाम पर बिक्री से बचाया जा सकेगा। इससे घरेलू कीमतों को स्थिर रखने और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, साथ ही देश की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

सरकार ने कहा कि वह किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने और कृषि क्षेत्र के सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसे फैसले लेती रहेगी।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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