शॉर्ट सर्किट से भड़की आग: सावंगी में संतरे का बाग और गेहूं फसल राख, किसान को लाखों का नुकसान
Nagpur Wheat Crop Damage: मोहपा के पास सावंगी में महावितरण लाइन के शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 100 संतरे के पेड़ और गेहूं की फसल जलकर राख, किसान को लाखों का नुकसान।
- Written By: अंकिता पटेल
महावितरण शॉर्ट सर्किट, संतरा बाग नुकसान( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Electricity Line Fire: मोहपा समीप के सावंगी (व्यवहारे) गांव के खेत में महावितरण की 3-फेज बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग के कारण भीषण आग लग गई, जिससे एक किसान को भारी नुकसान हुआ।
मोहपा निवासी मंगला सुधाकरराव ढगे की सावंगी परिसर में करीब 2 एकड़ जमीन है, जिसमें लगभग 100 संतरे के पेड़ हैं। इसी बाग में उन्होंने इस वर्ष गेहूं की फसल भी लगाई थी। ढमे ने यह जमीन मोहगांव के सुनील नांदे को ठेके पर दी थी।
इस खेत से महावितरण की तीन-फेज बिजली लाइन जाती है। शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी से जमीन पर पड़े सूखे पत्तों और घास में आग लग गई, हवा और सूखी घास के कारण आग तेजी से फैल गई और खेत में मौजूद 100 संतरे के पेड़ तथा कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इसमें अंबिया बहार के संतरे का लगभग 5 से 7 टन उत्पादन भी नष्ट हो गया। इसमें लाखों रुपये के नुकसान का प्राथमिक अनुमान है।
सम्बंधित ख़बरें
नासिक की सड़कों पर वाहनों का सैलाब, 24 लाख के पार पहुंचा आंकड़ा, क्या थम जाएगी शहर की रफ्तार?
ठाणे नगर निगम के पूर्व अधिकारी पर रेप का केस: नशीला पदार्थ पिलाकर बनाया वीडियो, ‘खरात’ के अंधविश्वास से डराया
क्रिकेट में बिश्नोई गैंग की एंट्री? टी-20 वर्ल्ड कप मैच फिक्सिंग मामले में आईसीसी की जांच
मुंब्रा पार्षद सहर शेख का ‘मराठी’ बोलने से इनकार; फर्जी सर्टिफिकेट विवाद के बीच भाषा पर छिड़ा नया संग्राम
पंचनामा कर उचित मुआवजा देने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने महावितरण की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए तत्काल पचनामा करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इसके लिए कलमेश्वर के तहसीलदार, तहसील कृषि अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता, महावितरण, मोहपा को ज्ञापन सौंपा गया है। इस मामले को गंभीरता से लेकर प्रशासन द्वारा तुरंत कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने की है।
यह भी पढ़ें:-अक्षय तृतीया 2026: पितृ पूजन और पलाश पत्रावली की खास परंपराएं, जानिए धार्मिक मान्यता
परिवार पर गहराया आर्थिक संकट
नदि ने इस फसल के लिए लगभग 80 से 90 हजार रुपये खर्च किए थे और पिछले 8 महीनों से कड़ी मेहनत की थी। लेकिन कटाई से ठीक पहले हुई इस घटना ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस हादसे से संबंधित परिवार पर बड़ा आर्थिक संकट आ गया है और क्षेत्र में शोक व्यक्त किया जा रहा है।
