Israel-Iran War: खामेनेई की मौत के बौखलाया ईरान...ओमान के तेल टैंकर पर किया हमला, लपेटे में आया भारतीय क्रू

Middle-East Tension: ओमान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हमला पलाऊ के झंडे वाले स्काइलाइट नामक जहाज पर हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि इसमें भारतीय और ईरानी क्रू सदस्य सवार थे।
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Israel-Iran War: मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से तनाव चरम पर है। अली खामेनेई की मौत के बाद कई देशों में कड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी दौरान, ओमान ने रविवार को बताया कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल टैंकर पर जानलेवा हमला हुआ है। इस घटना में जहाज पर सवार चार नाविक घायल हो गए हैं, जिनमें कुछ क्रू सदस्य भारतीय नागरिक भी थे।

ओमान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हमला पलाऊ के झंडे वाले स्काइलाइट नामक जहाज पर हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि इसमें भारतीय और ईरानी क्रू सदस्य सवार थे। फिलहाल यह साफ नहीं है कि टैंकर पर हमला किसने किया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सीधा हमला बोला है, तब से ईरान रेडियो संदेशों के जरिए इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को लगातार धमका रहा है।

IRGC ने जारी की चेतावनी

यूरोपीय संघ नौसैनिक मिशन और समुद्री अधिकारियों ने बताया है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को सख्त चेतावनी जारी की है। इस निर्देश में साफ कहा गया है कि किसी भी जहाज को रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इतना ज्यादा महत्वपूर्ण है कि दुनिया भर की कुल खपत का लगभग बीस प्रतिशत कच्चा तेल केवल इसी संकरे मार्ग से होकर अन्य देशों तक जाता है।

रेडिया पर दिए जा रहे संदेश

दुनिया के तेल निर्यात का पांचवां हिस्सा संभालने वाले इस संकरे समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को लगातार रेडियो संदेश मिल रहे हैं। इन ट्रांसमिशन के जरिए जहाजों को निर्देश दिया गया है कि वे इस रास्ते का उपयोग न करें। ईरान पर हुए हालिया अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसी बढ़ते संघर्ष और संभावित खतरों के मद्देनजर उन्हें इस रास्ते से बचने की साफ हिदायत दी जा रही है।

हालांकि तेहरान ने अभी इस जलमार्ग को औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा नहीं की है, फिर भी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। युद्ध के बढ़ते जोखिम को देखते हुए बीमा कंपनियों ने अपने प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने एहतियातन अपने शिपमेंट पूरी तरह रोक दिए हैं। इन्हीं तमाम कारणों और मौजूदा अनिश्चितता के चलते वर्तमान में वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर बहुत ज्यादा दबाव आ गया है।

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