आज सोने-चांदी में भरी गिरावट (सोर्स-डिज़ाइन)
Historic gold price drop 2026: वैश्विक बाजारों में मची भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति की लॉबी की सक्रियता और ऐतिहासिक सोने की कीमत में गिरावट ने निवेशकों के बीच बड़ी हलचल पैदा कर दी है। सोने और चांदी की कीमतों में आई इस भारी कमी से शादी-ब्याह वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद अब नए निवेशकों को बाजार की स्थिरता का इंतजार करना चाहिए।
भारतीय बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत में 32,000 रुपये और चांदी में 1,27,000 रुपये की रिकॉर्ड कमी आई है। यह इस सदी की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है जिसने वैश्विक और स्थानीय निवेशकों को चौंका दिया है। ऊंचे मूल्यों पर चौतरफा मुनाफावसूली होने के कारण वैश्विक स्तर पर बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला है।
बाजार में गिरावट इतनी तेज थी कि कमोडिटी एक्सचेंज MCX में दोनों धातुओं पर बार-बार लोअर सर्किट लगा। शुक्रवार को रात 12 बजे MCX में चांदी की फरवरी वायदा कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस भाव पर भी केवल बिकवाल ही थे खरीदार कोई नहीं था। इससे पहले चांदी 4.27 लाख रुपये और सोना 1.82 लाख रुपये प्रति दस ग्राम की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया था।
अमेरिका में गुरुवार रात से शुरू हुई बिकवाली का असर शुक्रवार को एशिया और यूरोप के बाजारों पर भी पड़ा। खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लॉबी की भारी बिकवाली ने इस अंतरराष्ट्रीय बाजार में भूचाल पैदा कर दिया है। सोने की वायदा कीमत 900 डॉलर गिरकर 4,702 डॉलर प्रति औंस पर आ गई जो पहले 5,625 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
सोने के मुकाबले चांदी में अधिक गिरावट दर्ज की गई है जहां इसकी वैश्विक कीमत 38% तक लुढ़क गई। न्यूयॉर्क में चांदी की वायदा कीमत 75 डॉलर प्रति औंस पर आ गई जो गुरूवार को 121.75 डॉलर की ऊंचाई पर थी। जनवरी महीने में ही चांदी ने 50% की रिकॉर्ड तेजी दिखाई थी लेकिन अब भारी मुनाफावसूली ने इसे नीचे गिरा दिया है।
सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं बल्कि औद्योगिक धातुओं की कीमतों में भी शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। तांबा, एल्युमिनियम और जिंक जैसी महत्वपूर्ण धातुओं की कीमतों में भी शुक्रवार को 3 से 5 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट आई है। इस मंदी ने पूरे मेटल बाजार को हिलाकर रख दिया है और निवेशक अब जोखिम से बचने के लिए सतर्क हो गए हैं।
पिछले कई दिनों से रिकॉर्डतोड़ तेजी के कारण खुदरा ग्राहकी पूरी तरह ठप हो गई थी जिसे अब नया सहारा मिला है। कीमतें कम होने से सर्राफा व्यापारियों, कारीगरों और शादियों के लिए सोने-चांदी की खरीदी करने वालों को बड़ी राहत मिली है। बाजार में अब केवल बिकवाल ही नजर आ रहे हैं जिससे खुदरा खरीदारों के लिए निवेश का यह एक अच्छा मौका हो सकता है।
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बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी में एकबारगी तेजी का जो दौर चल रहा था वह अब पूरी तरह शांत हो गया है। कीमतों में 14 प्रतिशत से लेकर 38 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट के बाद जल्द ही नई तेजी की उम्मीद काफी कम दिखाई दे रही है। निवेशकों को स्पष्ट सलाह दी गई है कि वे अब कीमतों में स्थिरता आने के बाद ही किसी नए निवेश पर विचार करें।
मुंबई से विष्णु भारद्वाज की रिपोर्ट