आज सोने-चांदी का भाव (सोर्स-सोशल मीडिया)
Gold-Silver Rate Today 21 February In India: वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत विफल होने के कारण सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। 21 फरवरी 2026 की सुबह भारतीय सराफा बाजार में सोने के भाव रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ते हुए नजर आए हैं। वैश्विक सुरक्षित परिसंपत्ति मांग के कारण निवेशक अब सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं जिससे घरेलू बाजार में उछाल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग को काफी मजबूती प्रदान की है।
राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में 21 फरवरी की सुबह 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,59,430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। शुक्रवार को भी दिल्ली में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी जिससे भाव 1,57,520 रुपये तक जा पहुंचा था। वहीं 22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में आज इसका भाव 1,46,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया है।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी सोने की कीमतों में आज सुबह से काफी हलचल देखी जा रही है। चेन्नई में 24 कैरेट सोने की वर्तमान कीमत 1,60,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर बनी हुई है वहीं मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की वर्तमान कीमत 1,59,280 प्रति 10 ग्राम है।
जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी सोने की कीमतें दिल्ली के लगभग बराबर ही 1,59,430 रुपये प्रति 10 ग्राम देखी जा रही हैं। अहमदाबाद और भोपाल के बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव आज सुबह 1,59,280 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।
वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिलहाल 5,027.13 डॉलर प्रति औंस के बहुत ऊंचे और रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच नई शांति वार्ता विफल होने के कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता एक बार फिर से बहुत तेजी से बढ़ गई है। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी।
सोने में तेजी के साथ-साथ चांदी की कीमतों में 21 फरवरी की सुबह भारतीय बाजार में बढ़त का रुख दर्ज किया गया है। चांदी का ताजा भाव फिलहाल 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव 80.5 डॉलर प्रति औंस है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी महीने में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई थी।
घरेलू सराफा बाजार में सोने की ऊंची कीमतों का मुख्य कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सेफ एसेट के रूप में बढ़ती मांग है। सराफा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के कारण आने वाले समय में सोने की कीमतों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। निवेशक अब भविष्य की सुरक्षा के लिए सोने को सबसे भरोसेमंद माध्यम मान रहे हैं जिससे बाजार में इसकी तरलता काफी बढ़ गई है।
यह भी पढ़ें: इधर 8वें वेतन आयोग का इंतजार…उधर कर्मचारियों के DA में 10% की बढ़ोतरी, जानें किसे होगा फायदा
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार जब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा विवाद और तनाव कम नहीं होते, तब तक कीमती धातुओं के भाव ऊंचे बने रहेंगे। जेपी मॉर्गन जैसी बड़ी संस्थाओं के भविष्यवाणियों ने सोने के बाजार में लंबी अवधि के निवेशकों के बीच भारी उत्साह पैदा कर दिया है। आने वाले हफ्तों में वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी ब्याज दरें घरेलू बाजार में सोने और चांदी की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाएंगी।