बिहार में 1600 करोड़ की लागत से बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब, 1 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगी नौकरी
राज्य सरकार ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि छह जनवरी, 2025 को इकाई का गठन परियोजना पर तत्काल काम शुरू होने तथा इसे तेजी से पूरा करने दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
- Written By: मनोज आर्या
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर (सौजन्य : सोशल मीडिया )
पटना: बिहार सरकार ने गया में महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट को गति देने के लिए एक विशेष उद्देश्यीय यूनिट बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) का गठन किया है। इस प्रोजेक्ट से लगभग 1,09,000 नौकरियां पैदा होने और 16,000 करोड़ रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि छह जनवरी, 2025 को इकाई का गठन परियोजना पर तत्काल काम शुरू होने तथा इसे तेजी से पूरा करने दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
इस परियोजना के तहत व्यापक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाना है। इसमें 29.89 किलोमीटर का आंतरिक सड़क नेटवर्क, आधुनिक बिजली सबस्टेशन, एडवांस्ड वाटर सप्लाई और दूषित जल शोधन प्रणाली, इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कमर्शियल स्पेस और प्रशासनिक कार्यालय शामिल हैं।
बिहार सरकार ने बयान जारी कर दी जानकारी
बिहार सरकार के बयान के अनुसार, रणनीतिक संपर्क सुविधा पर विशेष ध्यान है। इस प्रोजेक्ट को गया जंक्शन, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और आगामी नये पहाड़पुर रेलवे स्टेशन के निकट होने से लाभ होगा। यह स्थान हल्दिया बंदरगाह और गायघाट (पटना) और रामनगर (वाराणसी) में अंतर्देशीय टर्मिनल सहित महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सेंटर्स तक आसानी से पहुंचने में मदद करेगा। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीसी) ने 12 नवंबर, 2024 को एक समझौता किया। बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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निदेशक मंडल में छह निदेशक शामिल हैं
सरकारी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विशेष इकाई (एसपीवी) में निदेशक मंडल के साथ एक साझा संचालन मॉडल है। इसमें राज्य और केंद्र सरकार का समान प्रतिनिधित्व है। इस निदेशक मंडल में छह निदेशक शामिल हैं। इसमें तीन राज्य सरकार के और तीन केंद्र सरकार के प्रतिनिधि हैं। बियाडा के प्रबंध निदेशक बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक के रूप में काम करेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की विकास रणनीति के प्रमुख स्तंभ के रूप में औद्योगिक विकास को लगातार प्राथमिकता दी है। कौशल विकास और बुनियादी ढांचे के विकास पर उनके जोर के साथ-साथ एक अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने की उनकी प्रतिबद्धता, राज्य में निवेश आकर्षित करने में सहायक रही है।
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बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर
पहले से ही राज्य सरकार के कब्जे में जमीन और सभी आवश्यक मंजूरी के साथ, यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास में तेजी लाने और राज्य को पूर्वी भारत में एक एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में स्थापित करने को लेकर अच्छी स्थिति में है। बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। बीआईएमसीजीएल का गठन परियोजना की क्षमता को शीघ्रता से साकार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सभी संबंधित पक्षों को एक साथ लाकर और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करके, हमें विश्वास है कि निर्माण तेजी से शुरू होगा।
