देश में जल्द ही ग्रीन एनर्जी से बनेगी बिजली, जानें कब तक पूरा होगा टारगेट
IESA द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रिन्यूऐबल एनर्जी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि साल के आखिर तक रिन्यूऐबल एनर्जी के टारगेट के पूरा हो जाएगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
मनोहर लाल खट्टर (सौ. सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : देश में तेजी से रिन्यूऐबल एनर्जी का उपभोग बढ़ते जा रहा है। इसी सिलसिले में केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत की टोटल इंस्टॉल्ड इलेक्ट्रिसिटी कैपेसिटी में रिन्यूऐबल एनर्जी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।
साथ ही उन्होंने कहा है कि साल के आखिरी तक 50 प्रतिशत का टारगेट पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। भारत ने साल 2030 तक अपनी टोटल इंस्टॉल्ड इलेक्ट्रिसिटी कैपेसिटी का 50 परसेंट ग्रीन फ्यूल से हासिल करने का टारगेट रखा है।
उद्योग संगठन इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस यानी आईईएसएस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लाल ने कहा है कि हम 472 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) की टोटल प्रोडक्शन कैपेसिटी में लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं और साल के आखिर तक हम इसे पूरी तरह से हासिल कर लेंगे।
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मंत्री ने कहा कि सरकार इस बात से अवगत है कि देश की बढ़ती इलेक्ट्रिसिटी डिमांड को पूरा करने के लिए सोलर और विंड एनर्जी कैपेसिटी की जरूरत होगी और इस सेक्टर में कई उपलब्धियां हासिल की गई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 मई तक भारत की टोटल इंस्टॉल्ड इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन कैपेसिटी 475.59 गीगावाट थी। टोटल कैपेसिटी में से 235.53 गीगावाट सोलर, विंड और न्यूक्लियर एनर्जी समेत रिन्यूऐबल एनर्जी फ्यूल सोर्सेस से हासिल होती है।
भारत ने अगस्त, 2022 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन यानी यूएनएफसीसी में नेशनल लेवल पर निर्धारित योगदान के अंतर्गत साल 2030 तक अपनी कार्बन उत्सर्जन तीव्रता को साल 2005 के लेवल की तुलना में 45 परसेंट तक कम करने और साल 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से कुल विद्युत क्षमता का 50 परसेंट प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
लाल ने कहा कि ग्रिड को स्थिरता प्रदान करने और 24 घंटे क्लिन एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की जरूरत है। आईईएसए ने बयान में कहा कि मंगलवार को शुरू हुए 4 दिवसीय कार्यक्रम में 20 से ज्यादा देशों के लगभग 1,000 प्रतिभागी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उद्योग शामिल हुए हैं।
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आपको बता दें कि देश में लगातार सोलर एनर्जी को उपयोग में लाने की क्षमता तेजी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे पीएम सूर्यघर योजना के अलावा सरकार के द्वारा मिलने वाली सब्सिडी जैसे प्रमुख फेक्टर्स शामिल हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
