कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम फिर बढ़े, अब होटल-रेस्तरां में खाना होगा महंगा; जानें पेट्रोल-डीजल पर क्या है खबर
Commercial LPG Cylinder Price Hike: देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 42 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब होटल में खाना महंगा हो सकता है।
- Written By: अमन उपाध्याय
कॉन्सेप्ट फोटो - नवभारत
Commercial LPG Cylinder Price Hike In India: देश में महंगाई का एक और बड़ा झटका आम आदमी और व्यापारियों को लगा है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की स्थिर कीमतों के बीच अब तेल कंपनियों ने LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में इजाफा किया गया है, जिसका सीधा असर व्यापारिक लागत और आम जनता की जेब पर पड़ना तय माना जा रहा है।
LPG की क्या है नई कीमतें?
तेल कंपनियों द्वारा जारी किए गए नए आंकड़ों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 42 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। इस वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर 3,113.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इसके लिए ग्राहकों को अब 3,255.50 रुपये चुकाने होंगे।
इतना ही नहीं, छोटे व्यापारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में अब इसकी नई कीमत 821.50 रुपये हो गई है। हालांकि, इस बीच राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Japan ने लौटाए भारतीय आम! एक कीड़े ने कैसे डुबो दिया करोड़ों का कारोबार? VIDEO
Gold-Silver Rate Today: एक हफ्ते में 2020 रुपये हुआ सस्ता सोना, चांदी भी हुई सस्ती, जानें आज का भाव
क्या बंद होने वाले हैं कागज के ये नोट? जानिए 1 जून से बदलने वाले 5 बड़े नियम! Video
Gold-Silver Rate Today: भारत में आज सोने-चांदी में भारी उछाल, चांदी 5000 और सोना 1600 रुपये महंगा
होटल और रेस्तरां में भोजन होगा महंगा
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ने का सबसे बड़ा असर खाद्य क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। होटल, ढाबों, रेस्तरां और शादियों में कैटरिंग सेवाएं देने वाले ऑपरेटरों का बजट इस बढ़ोतरी से सीधे तौर पर प्रभावित होगा। जानकारों का मानना है कि खाद्य व्यवसायी अपनी बढ़ी हुई परिचालन लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में बाहर खाना खाना या पार्टियों में कैटरिंग सेवाएं लेना और महंगा हो सकता है।
मई में बढ़ी थी किमतें
बता दें कि इससे पहले 1 मई को भी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये का भारी-भरकम इजाफा किया था। उस समय दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की दरें 2,078.50 रुपये से सीधे छलांग लगाकर 3,071.50 रुपये पर पहुंच गई थीं। साथ ही, 5 किलो वाले ‘छोटू’ सिलेंडर के रेट में भी तब 261 रुपये की वृद्धि हुई थी।
ईंधन एक्सपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती
सिलेंडर के दामों में वृद्धि के साथ ही सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय भी लिया है। सरकार ने रविवार को पेट्रोल, डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) पर लगने वाले एक्सपोर्ट ड्यूटी को घटाने की घोषणा की है, जो आज से प्रभावी हो गई हैं।
यह भी पढ़ें:- पेट्रोल-डीजल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से ATF पर लगेगा नया निर्यात शुल्क, आपकी जेब पर क्या होगा असर?
नई दरों के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी अब 1.5 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। डीजल के निर्यात पर इसे 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर 9.5 रुपये प्रति लीटर रखा गया है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं है इसलिए देश के भीतर ईंधन खरीदने वाले सामान्य उपभोक्ताओं पर इसका कोई असर नहीं होगा।
