(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Excide Duty on Petrol-Diesel: मिडिल ईस्ट में पिछले 28 दिनो से जारी तनाव के बीच भारत सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती का ऐलान किया है। सरकार ने पेट्रोल पर 13 रुपये प्रति लीटर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी का घटाकर शून्य कर दिया है। हालांकि, इस कटौती के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी नहीं आएगी।
तेल कंपनियों को हो रहे घाटे को कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। वहीं, इस कटौती से सरकार को हर 15 दिन में लगभग 7 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है।
CBIC के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने के सरकार के कदम से 15 दिनों में करीब 7,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इन दोनों ईंधनों की बिक्री पर भारी नुकसान उठाने के बावजूद, OMCs ने पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।
CBIC के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने एक ब्रीफिंग में कहा कि एक्साइज ड्यूटी घटने से पेट्रोल-डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की घरेलू उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज में कटौती का मकसद तेल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान (अंडर रिकवरी) को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि आम आदमी के लिए ईंधन की कीमतें न बढ़ें।
घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर का एक्सपोर्ट ड्यूटी भी लगाया है। यानी जो कंपनी भारत से दूसरे देश में पेट्रोल और डीजल भेजेगी उसे एक्सपोर्ट ड्यूटी चुकानी होगी। CBIC के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क से दो हफ्तों में सरकारी खजाने को ₹1,500 करोड़ मिलेंगे।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए, घरेलू खपत के लिए पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में बढ़ोतरी से सुरक्षा मिलेगी। वित्त मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर ₹21.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है। इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इस बारे में संसद को सूचित कर दिया गया है।