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Budget 2026: क्या होता है ‘लाभ वाला बजट’ और भारत इसे क्यों नहीं अपनाता? जानें कौन हैं दुनिया के ‘सरप्लस किंग’

What is Surplus Budget: बजट के खेल में सरप्लस यानी बचत और डेफिसिट यानी घाटे का क्या मतलब है? क्यों भारत अपनी कमाई से ज्यादा खर्च करना पसंद करता है। इस खबर से जानिए कौन से देश लाभ वाला बजट बनाते हैं।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Jan 29, 2026 | 12:33 PM

प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया

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Surplus Budget vs Deficit Budget: जब सरकार अपनी कमाई से कम खर्च करती है, तो उसे ‘लाभ वाला बजट’ कहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारत जानबूझकर घाटे का बजट चुनता है? आइए इसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. अमित पाण्डेय से आसान भाषा में समझते हैं।

प्रो. अमित के अनुसार जब किसी सरकार की एक साल की कुल कमाई (राजस्व) उसके कुल खर्च से ज्यादा हो जाती है, तो उसे अधिशेष या लाभ वाला बजट (Surplus Budget) कहा जाता है। इसका मतलब है कि सरकार ने अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद भी पैसा बचा लिया है। हालांकि इसे ‘वित्तीय अनुशासन’ का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यह हमेशा विकास के लिए अच्छा ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

सरकार कैसे बचाती है पैसा?

लाभ वाला बजट बनाने के लिए सरकार दो मुख्य रास्तों पर चलती है:

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क्या होता है बजट घाटा और क्यों घाटे का बजट पेश करती है सरकार? जानें कैसे पूरा होता है खर्च

• कमाई बढ़ाना: सरकार टैक्स के दायरे को बढ़ाती है, सरकारी कंपनियों के शेयर बेचती है (विनिवेश) और सेवाओं पर शुल्क या जुर्माना लगाकर फंड जुटाती है।

• खर्चों पर लगाम: सरकार फालतू खर्चों को रोकती है, जैसे सब्सिडी में कटौती करना, सरकारी वेतन-भत्तों को नियंत्रित करना और छोटी योजनाओं को आपस में मिला देना। इसके अलावा, अर्थशास्त्री पहले से अनुमान लगाते हैं कि यदि जीडीपी ग्रोथ अच्छी होगी, तो टैक्स अपने आप ज्यादा आएगा और बचत आसान हो जाएगी।

दुनिया के ‘सरप्लस किंग’: कौन से देश बचाते हैं पैसा?

दुनिया के ज्यादातर बड़े देश (जैसे भारत और अमेरिका) घाटे का बजट पेश करते हैं, लेकिन कुछ देश पैसा बचाने में माहिर हैं:

बचत के फायदे और नुकसान

फायदे: बजट में पैसा बचने से सरकार पुराने कर्ज चुका सकती है, जिससे ब्याज का बोझ कम होता है। यह पैसा मंदी या महामारी जैसी ‘आपात स्थिति’ में काम आता है और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाता है। नुकसान: अगर सरकार पैसा बचाने के चक्कर में सड़क, रेल या बिजली पर खर्च नहीं करेगी, तो विकास की गति धीमी हो जाएगी। साथ ही, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में गिरावट आ सकती है और बाजार में मांग कम होने से बेरोजगारी बढ़ सकती है।

भारत क्यों चुनता है ‘घाटे का रास्ता’?

भारत की अर्थव्यवस्था एक ‘बढ़ते हुए बच्चे’ की तरह है जिसे पोषण के लिए ज्यादा निवेश की जरूरत है। भारत ‘लाभ वाले बजट’ के पीछे इसलिए नहीं भागता क्योंकि:

• बुनियादी ढांचे की जरूरत: हमें लाखों किलोमीटर नई सड़कें और आधुनिक रेलवे ट्रैक बनाने हैं। अगर सरकार सिर्फ टैक्स की बचत से काम करेगी, तो विकास में सदियाँ लग जाएंगी। इसलिए सरकार कर्ज लेकर निवेश (Capital Expenditure) करती है।
• सामाजिक कल्याण: करोड़ों लोगों को सस्ता राशन (PDS), खाद और गैस सब्सिडी देना जरूरी है। साथ ही सरकारी स्कूल और अस्पतालों के लिए भारी फंड चाहिए होता है।
• मल्टीप्लायर इफेक्ट: अर्थशास्त्र का नियम है कि अगर सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹1 खर्च करती है, तो वह अर्थव्यवस्था में ₹2.5 से ₹3 तक का फायदा पहुँचाता है।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: एक तुलना

ऑस्ट्रेलिया एक विकसित देश है जिसकी जनसंख्या कम है और बुनियादी ढांचा तैयार है, इसलिए वह पैसा बचाता है। इसके विपरीत, भारत को अभी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है और करोड़ों युवाओं को रोजगार देना है। हमारे लिए पैसा बचाने से ज्यादा जरूरी उसे सही जगह निवेश करना है।

यह भी पढ़ें: शेयर बाजार में गिरावट: बजट 2026 से पहले सेंसेक्स 248 अंक लुढ़का, निफ्टी 25300 के नीचे फिसला 

भारत का लक्ष्य अपने घाटे को जीडीपी के 4.5% से 5% के बीच रखना है, ताकि विकास भी न रुके और महंगाई भी न बढ़े। भविष्य में जब भारत ‘विकसित राष्ट्र’ बन जाएगा, तब हम भी लाभ वाले बजट की ओर बढ़ सकते हैं। फिलहाल, हमारे लिए “सार्थक घाटा” ही तरक्की का असली ईंधन है।

💡

Frequently Asked Questions

  • Que: 'लाभ वाला बजट' (Surplus Budget) किसे कहते हैं?

    Ans: जब सरकार की एक साल की कुल कमाई (राजस्व) उसके कुल खर्च से ज्यादा हो जाती है, तो उसे लाभ वाला या अधिशेष बजट कहा जाता है।

  • Que: भारत विकास के लिए 'घाटे का बजट' क्यों चुनता है?

    Ans: भारत बुनियादी ढांचे (सड़क, रेल) के निर्माण और सामाजिक कल्याण की योजनाओं में बड़े निवेश के लिए जानबूझकर घाटे का रास्ता अपनाता है।

  • Que: आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी विकास दर का क्या अनुमान है?

    Ans: आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए जीडीपी विकास दर का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच लगाया गया है।

  • Que: केंद्रीय बजट 2026-27 कब पेश किया जाएगा?

    Ans: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी।

  • Que: इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में तकनीक के किस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है?

    Ans: आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर एक अलग चैप्टर शामिल किया गया है, जो नई तकनीक पर सरकार के फोकस को दर्शाता है।

Why india has deficit budget know what is surplus budget and benefits

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Published On: Jan 29, 2026 | 12:28 PM

Topics:  

  • Budget
  • Budget 2026

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