Budget 2026: क्रिप्टोकरेंसी पर 30% टैक्स में मिलेगी राहत? वित्त मंत्री पर टिकी निवेशकों की निगाहें
Budget 2026: विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार डिजिटल इकोनॉमी और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, तो उसे ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स को देश से बाहर जाने से रोकना होगा।
- Written By: मनोज आर्या
क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बजट 2026 में क्या खास? (डिजाइन फोटो- AI)
Cryptocurrency In Budget 2026: जैसे-जैसे केंद्रीय बजट 2026-27 की तारीख नजदीक आ रही है, भारत के क्रिप्टो निवेशक और वेब3 (Web3) स्टार्टअप्स एक ही सवाल पूछ रहे हैं, क्या इस बार वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स में कोई कटौती होगी? बजट 2024 में लागू किए गए सख्त नियमों के बाद से ही क्रिप्टो इंडस्ट्री लगातार टैक्स सुधारों की मांग कर रही है।
वर्तमान समय में भारत में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है। इसके अलावा हर ट्रांजैक्शन पर 1% टीडीएस (Tax Deducted at Source) काटा जाता है। वहीं, आप एक कॉइन में हुए नुकसान को दूसरे कॉइन के मुनाफे से भरपाई (Offset) नहीं कर सकते। माइनिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर के खर्च को लागत के रूप में नहीं घटाया जा सकता।
बजट 2026 से निवेशकों की मुख्य उम्मीदें?
1. 30% टैक्स स्लैब में बदलाव की मांग
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इंडस्ट्री विशेषज्ञों और ‘भारत वेब3 एसोसिएशन’ का सुझाव है कि क्रिप्टोकरेंसी को सट्टेबाजी (जैसे जुआ या लॉटरी) की श्रेणी से हटाकर ‘पूंजीगत संपत्ति’ (Capital Assets) माना जाए। मांग है कि टैक्स की दर को घटाकर 20% किया जाए या इसे अन्य संपत्तियों की तरह इनकम स्लैब के अनुसार रखा जाए।
2. 1% TDS को घटाकर 0.01% करना
1% TDS को भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए सबसे बड़ा रोड़ा माना जा रहा है। इसके कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम विदेशी एक्सचेंजों पर शिफ्ट हो गया है। बजट 2026 में सरकार इसे घटाकर 0.01% या 0.1% कर सकती है ताकि डोमेस्टिक मार्केट में लिक्विडिटी वापस आए।
3. नुकसान की भरपाई की अनुमति
शेयर बाजार की तरह, क्रिप्टो निवेशक भी मांग कर रहे हैं कि उन्हें घाटे को मुनाफे के खिलाफ एडजस्ट करने की अनुमति दी जाए। इससे छोटे निवेशकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
सरकार का रुख और रेगुलेशन का पेंच
भले ही इंडस्ट्री राहत की उम्मीद कर रही है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय का रुख अब भी सतर्कता भरा है। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य कर चोरी को रोकना और धन शोधन (Money Laundering) पर लगाम लगाना है। भारत ने G20 की अध्यक्षता के दौरान वैश्विक क्रिप्टो रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर जोर दिया था। बजट 2026 में टैक्स कटौती से पहले सरकार एक व्यापक ‘क्रिप्टो रेगुलेशन बिल’ का रोडमैप पेश कर सकती है।
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क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार डिजिटल इकोनॉमी और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, तो उसे ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स को देश से बाहर जाने से रोकना होगा। टैक्स में थोड़ी भी ढील भारत को वेब3 इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बना सकती है। टैक्स में बड़ी कटौती की संभावना कम है, लेकिन 1% TDS में बदलाव और नियमों में स्पष्टता की उम्मीद काफी ज्यादा है। यदि सरकार निवेशकों के सेंटिमेंट को भांपती है, तो 2026 क्रिप्टो करेंसी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
