आज शेयर मार्केट का हाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Indian stock market growth strategy: भारत के वित्तीय इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है जब बजट के दिन रविवार को शेयर बाजार में विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगी जिससे पहले निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच काफी घबराहट और अस्थिरता देखी जा रही है। बाजार प्रतिभागी भारतीय शेयर बाजार विकास रणनीति के तहत सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय (capex) को बढ़ावा देने और निर्यात क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। दलाल स्ट्रीट की नजरें विशेष रूप से राजकोषीय घाटे के लक्ष्य और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में होने वाले किसी भी संभावित बदलाव पर टिकी हुई हैं।
BSE सेंसेक्स 82,445.97 पर और निफ्टी 50 सूचकांक 25,333.75 के स्तर पर मामूली बढ़त के साथ खुले थे लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। सुबह 9:18 बजे तक निफ्टी 0.14 प्रतिशत गिरकर 25,289.75 पर आ गया जबकि सेंसेक्स 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,250.27 पर कारोबार कर रहा था। विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली और वैश्विक स्तर पर अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों के बीच भारतीय बाजारों में फिलहाल काफी सावधानी का माहौल बना हुआ है।
बजट भाषण से ठीक पहले एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में 3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है जो शुक्रवार के बंद भाव से काफी नीचे है। सोना अब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है जबकि चांदी की कीमतों में 6 प्रतिशत का भारी क्रैश देखा गया और यह 2.74 लाख रुपये प्रति किलो पर है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में बड़े पैमाने पर हुई मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं के दाम अचानक काफी नीचे गिर गए हैं।
मेटल इंडेक्स में 4.4 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की कीमतों में डॉलर की मजबूती के कारण कमी आई है। आईटी, मीडिया और पीएसयू बैंक के शेयरों में कमजोरी का रुख बना हुआ है लेकिन ऑटो, फार्मा और रियल्टी सेक्टर के इंडेक्स फिलहाल हरे निशान में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आज के सत्र में डिफेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पावर और रेलवे सेक्टर पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि इन्हें बजट से बड़े आवंटन की उम्मीद है।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा के अनुसार निफ्टी 50 के लिए 24,900 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में कार्य करेगा जबकि 24,500 मजबूत आधार है। अगर बजट में कोई सकारात्मक घोषणा होती है तो निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 25,500 और 25,800 के स्तर पर बड़ी रेजिस्टेंस देखी जा सकती है। ट्रेडर्स को सलाह दी गई है कि वे रविवार के इस छोटे सत्र में अपनी पोजीशन का आकार कम रखें और सोमवार को संस्थागत निवेशकों के रुझान का इंतजार करें।
बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि सरकार वित्त वर्ष 2027 के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 से 4.4 प्रतिशत के दायरे में रखने का प्रयास करेगी। कैपेक्स खर्च को 12.4 ट्रिलियन रुपये तक ले जाने और मध्यम वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की संभावना है। कैपिटल गेन टैक्स की दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी बाजार में बड़ी बिकवाली को ट्रिगर कर सकती है इसलिए निवेशक इस मोर्चे पर काफी सतर्क हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ खतरों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण भारतीय निर्यात-आधारित क्षेत्रों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं जो बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। भारतीय रुपया इस समय रिकॉर्ड निचले स्तर पर है और विदेशी निवेशकों ने इस महीने करीब 4 बिलियन डॉलर की निकासी भारतीय शेयर बाजारों से की है। बिटकॉइन की कीमतों में भी पिछले 24 घंटों में 6.55 प्रतिशत की गिरावट आई है जिससे वैश्विक परिसंपत्ति बाजारों में मंदी और डर का माहौल बना हुआ है।