(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Dry Fruits Price Hike In Delhi मिडिल ईस्ट में 18 दिनों से जारी संघर्ष का असर अब दिल्ली की रसोई और कारोबार दोनों पर दिखने लगा है। राष्ट्रीय राजधानी में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 प्रतिशत का इजाफा दर्ज की जा रही है। व्यापारियों ने बताया की सप्लाई बाधित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित खारी बावली, जो एशिया का सबसे बड़ा मसाला और ड्राई फ्रूट्स थोक बाजार माना जाता है, वहां हालात सबसे ज्यादा प्रभावित दिख रहे हैं। खारी बावली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव भाटिया ने कहा कि ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है क्योंकि संघर्ष के चलते सप्लाई में भारी कमी आ गई है।
राजीव भाटिया ने आगे बताया कि काजू को छोड़कर ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स वेस्ट एशिया से आयात होते हैं और उनकी आपूर्ति लगभग रुक गई है। ईद नजदीक आने से खजूर की मांग बढ़ी है, लेकिन स्टॉक सीमित है। खारी बावली में कारोबारी फिलहाल पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रहे हैं। एक अन्य थोक व्यापारी ओमेश जैन ने बताया कि हम सीमित स्टॉक के साथ काम कर रहे हैं। बादाम, अंजीर, चिलगोजा, खजूर और कई हर्ब्स की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले हफ्तों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
कारोबारियों के मुताबिक, भारत का ज्यादातर ड्राई फ्रूट और मसाला व्यापार दुबई के जरिए संचालित होता है। मौजूदा संघर्ष के कारण इस ट्रांजिट चैनल में बाधा आने से चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, कश्मीरी गेट और सदर बाजार जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्रों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो दिल्ली का करीब 5000 करोड़ रुपये का व्यापार और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि ईरान से आयातित पिस्ता, आलूबुखारा, किशमिश, अंजीर, खजूर और ममरा बादाम के दामों में 30 से 40 फीसदी तक उछाल आ चुका है।
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ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं है। CTI के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग ने कहा कि केमिकल, प्लास्टिक और एल्युमिनियम जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से फार्मा सेक्टर भी दबाव में है। उन्होंने बताया कि आम दवाओं के कच्चे माल की कीमतें हाल के दिनों में काफी बढ़ी हैं।