Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

जन्मदिन विशेष: ब्यूरोक्रेट से राजनेता बने यशवंत सिन्हा, अटल वाजपेयी ने दी थी अहम जिम्मेदारी; अब…

Yashwant Sinha: 1990 के दशक में यशवंत सिन्हा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वे दो बार भारत के वित्त मंत्री और बाद में विदेश मंत्री बने।

  • By मनोज आर्या
Updated On: Nov 06, 2025 | 07:12 AM

यशवंत सिन्हा, (फाइल फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

Yashwant Sinha Birth Anniversary: भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शुमार यशवंत सिन्हा का नाम उन नेताओं में लिया जाता है जिन्होंने प्रशासनिक सेवा से राजनीति की राह चुनकर देश की आर्थिक नीतियों को नई दिशा दी। 6 नवंबर 1937 को बिहार के पटना में जन्मे यशवंत सिन्हा आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। आइए जानते हैं उनके जीवन और करियर से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जिन्होंने उन्हें भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान दिलाई।

प्रशासनिक सेवा से राजनीति तक का सफर

यशवंत सिन्हा ने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने 1960 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रवेश किया। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं- जैसे वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय में अहम पदों पर कार्य। 1984 में उन्होंने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

राजनीति में प्रवेश और उत्थान

यशवंत सिन्हा ने सबसे पहले जनता पार्टी से राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1986 में वे पार्टी के महासचिव बने। बाद में जब जनता दल का गठन हुआ, तो वे उसमें शामिल हो गए। 1989 में वी. पी. सिंह की सरकार में उन्हें वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। यहीं से उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार और संरचनात्मक परिवर्तन की दिशा में अपने विचार प्रस्तुत किए।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में अहम भूमिका

1990 के दशक में यशवंत सिन्हा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वे दो बार भारत के वित्त मंत्री और बाद में विदेश मंत्री बने। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने कई ऐतिहासिक कदम उठाए। जैसे विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देना, टेलीकॉम और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सुधार, तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के प्रयास। उनके कार्यकाल में ही डिसइन्वेस्टमेंट नीति और राजकोषीय अनुशासन जैसे शब्द भारतीय राजनीति में प्रमुखता से उभरे।

राजनीतिक रुख और विचारधारा

यशवंत सिन्हा हमेशा अपने स्पष्ट विचारों और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार अपनी ही पार्टी की नीतियों की आलोचना करते हुए सच्चाई को खुलकर सामने रखा। अटल वाजपेयी सरकार में कई अहम पदों पर रह चुके यशवंत सिन्हा ने 2018 में  BJP से नाता तोड़ लिया और सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। इसके बावजूद वे लोकतंत्र, पारदर्शिता और सुशासन के समर्थक रहे हैं।

ये भी पढ़ें: Zerodha स्कैम है… मेरे पैसे नहीं निकालने दे रही, निवेशक ने उठाया सवाल, तो फाउंडर को देनी पड़ी सफाई

परिवार और व्यक्तिगत जीवन

यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हाभी राजनीति में सक्रिय हैं और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। पिता-पुत्र की राजनीतिक विचारधाराओं में भले मतभेद हों, लेकिन दोनों सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में यशवंत सिन्हा ने राजनीति, अर्थशास्त्र और शासन-प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान दिया। 2015 में उन्हें फ्रांस सरकार ने ऑर्डर ऑफ द लीजियन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया।

Birthday special interesting facts related to the life of former union minister yashwant sinha

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 06, 2025 | 07:12 AM

Topics:  

  • Birth Anniversary
  • Business News
  • Today Business News

सम्बंधित ख़बरें

1

FPI की महा-बिकवाली, 8 महीनों में ₹74,822 करोड़ लेकर भागे विदेशी निवेशक, शेयर बाजार के लिए खतरा!

2

Year Ender 2025: इन भारतीय दिग्गजों के लिए शानदार रहा यह साल, अंबानी-अडानी की संपत्ति में भारी उछाल

3

दुनिया देख रही है भारत का दम! विदेशी मुद्रा भंडार $693 अरब के पार, जानें RBI के पास कितना बढ़ा सोना

4

खुद के बिछाए जाल में फंसा अमेरिका! ट्रंप का टैरिफ दांव हुआ फेल, दिवालियापन की कगार पर कंपनियां

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2025 All rights reserved.