-
गुरु, 2 जुलाई 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Business »
- Bengaluru After Receiving Gst Notices Shopkeepers Demant Cash Instead Of Upi Payments
इस शहर में UPI पेमेंट नहीं ले रहे दुकानदार, क्या बंद हो जाएंगे फोनपे और पेटीएम
- Written By: मनोज आर्या
UPI vs Cash: बेंगलुरु में हजारों छोटे व्यापारियों, जैसे सड़क किनारे पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले, चाय और पानी वाले, सबको जीएसटी के नोटिस मिले हैं। कुछ दुकानदारों को मिले ये नोटिस लाखों के हैं।

दुकान पर लगे नो यूपीआई का पोस्टर, (सोर्स-सोशल मीडिया)
NO UPI In Bengaluru: डिजिटल इंडिया के तहत सरकार देश के कोने-कोने से लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए मुहिम चला रही है। समय के साथ-साथ इसमें काफी तेजी से इजाफा भी देखने को मिल रहा है, जहां शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी व्यापक स्तर पर इसका हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन अब एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसको देखते हुए ऐसा लग रहा है कि क्या आने वाले दिनों में दिनों में यूपीआई से पेमेंट करना खत्म हो जाएगा या इसमें कमी आ सकती है? दरअसल, देश की टेक सिटी बेंगलुरु में यूपीआई पेमेंट को लेकर समस्याएं सामने आई है। ये समस्याएं कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं।
बेंगलुरु के अलग-अलग इलाकों में स्थित दुकानों पर अब QR कोड वाले स्टिकर नजर नहीं आ रहे हैं। इन स्कैनर के जरिए डिजिटल पेमेंट को काफी आसानी से पूरी किया जाता है। लेकिन अब इन क्यूआर कोड की जगह प्रिंटआउट या हाथ से लिखे पोस्टर लगे हैं। जिनमें स्पष्ट लिखा है कि नो यूपीआई, वनली कैश।
डिजिटल पेमेंट की जगह कैश की डिमांड
गौरतलब है कि बेंगलुरु का आईटी हब के अलावा टेक शहर के रूप में मशहूर है। डिजिटल पेमेंट की दुनिया में ये शहर हमेशा ही अग्रणी रहा है। लेकिन अब यहां की स्थिति ऐसी हो गई है कि छोटे दुकनदार और वेंडर ऑनलाइन पेमेंट की जगह कैश का डिमांड कर रहे हैं। बिजनेस समाचार पत्र इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने यूपीआई का इस्तेमाल कम कर दिया है। वहीं, कुछ दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स का उपयोग ही बंद कर दिया है। एक दुकानदार ने कहा कि वह हर रोज लगभग 3,000 रुपये का बिजनेस करता है और उसे थोड़ा ही मुनाफा मिलता है। ऐसे में वह ऑनलाइन पेमेंट नहीं ले सकता।
सम्बंधित ख़बरें
EPFO New Rule: बदल गया आपकी सैलरी से कटने वाला पीएफ, अब ₹1,800 का नया नियम; पैसे निकालना भी हुआ और आसान
EPF Scheme 2026: ईपीएफओ ने नए पेंशन नियम लागू किए, क्लेम में देरी पर मिलेगा 12% का भारी भरकम ब्याज
भारतीय इकोनॉमी की ऊंची उड़ान, जून में रिकॉर्ड 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा GST कलेक्शन; जानें कितनी हुई बढ़ोतरी
13 दिन में पैसा डबल, Vedanta के नए शेयर की मार्केट में तूफानी एंट्री; खरीदने के लिए टूट पड़े निवेशक
दुकानदारों को सता रहा ये डर
बेंगलुरु में हजारों की संख्या में छोटे व्यापारी, जैसे सड़क किनारे पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले, चाय और पानी वाले, सबको जीएसटी के नोटिस मिले हैं। कुछ दुकानदारों को मिले ये नोटिस लाखों रुपये के हैं। दुकानदारों के साथ-साथ वकीलों और अकाउंटेंट को भी इस बात की जानकारी है। बेंगलुरु स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव एडवोकेट विनय के. श्रीनिवास ने बताया कि कई छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को जीएसटी अधिकारी परेशान कर रहे हैं। वहीं दुकानदारों को मिली टैक्स नोटिस के कारण उन्हें दुकान हटाने या बंद किए जाने का भी डर सता रहा है। इस परिस्थिति को देखते हुए अब दुकानदार यूपीआई की जगह कैश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ये भी पढ़ें: कौन हैं आर दुरईस्वामी, जो संभालेंगे LIC का कमान, एमडी-सीईओ पद पर हुए नियुक्त
जीएसटी कानून क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा लाई गई जीएसटी कानून के मुताबिक, कोई भी सामना की बिक्री करने वाले कारोबारियों को जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। ऐसे व्यापारी जिनकी सालाना इनकम 40 लाख रुपये से अधिक है तो उन्हें टैक्स भी भरना होगा। वहीं, सर्विस के मामले में यह सीमा 20 लाख रुपये है। कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सिर्फ उन मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें 2021-22 से यूपीआई ट्रांजेक्शन डेटा में जीएसटी रजिस्ट्रेशन और टैक्स पेमेंट की जरूरत नजर आई है। विभाग ने कहा है कि ऐसे सभी दुकानदारों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा, अपनी टैक्सेबल कमाई बतानी होगी और टैक्स जमा करना होगा।
Bengaluru after receiving gst notices shopkeepers demant cash instead of upi payments
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
मुंबई में बारिश से तबाही: IMD ने जारी किया रेड अलर्ट, 99 से अधिक पेड़ उखड़े, पालघर में स्कूल बंद
Jul 02, 2026 | 04:41 PMइस बार कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व? जानें सही तारीख, राखी बांधने का शुभ समय और भद्रा का पूरा सच
Jul 02, 2026 | 04:40 PMगड़चिरोली में बारिश शुरू होते ही खरीफ बुआई तेज: जिले में 14,676 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध, यूरिया का संकट नहीं
Jul 02, 2026 | 04:40 PMमै अगर मर जाऊं तो मंदिर का फंड पास कर देना… विधानसभा सत्र में ऐसा क्यों बोल गए अकोला विधायक साजिद खान पठान?
Jul 02, 2026 | 04:35 PM‘गदर’ की शूटिंग के दौरान घबरा जाती थीं अमीषा पटेल, सनी देओल ने सीन समझाकर एक टेक में कराया शॉट पूरा
Jul 02, 2026 | 04:35 PMCM मोहन यादव ने धान उत्पादकों को दिया भावांतर योजना का बड़ा तोहफा; किसानों की समृद्धि के लिए नई नीतियों का आगाज
Jul 02, 2026 | 04:31 PMMarkandadev Conservation: गड़चिरोली जिलाधिकारी ने दिए मंदिर संरक्षण के निर्देश, 2 महीने में पूरा करें निर्माण
Jul 02, 2026 | 04:30 PMवीडियो गैलरी

पुणे मर्डर केस में नया मोड़! केतन का मजाक उड़ाने वाली फीमेल डॉक्टर 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट
Jul 01, 2026 | 11:00 PM
वाराणसी दालमंडी कॉरिडोर का रास्ता साफ, भारी फोर्स के बीच 5 मस्जिदों पर कार्रवाई शुरू; देखें VIDEO
Jul 01, 2026 | 10:45 PM
Atiq Ahmed: अतीक की जमीन पर बनेगा गरीबों का आशियाना, PDA लाने जा रहा प्लान; देखें VIDEO
Jul 01, 2026 | 10:34 PM
‘मरने के बाद कोई…’, सना खान के ‘कयामत’ वाले VIDEO ने इंटरनेट पर मचाया बवाल; सोशल मीडिया पर खूब हो रहा वायरल
Jul 01, 2026 | 08:43 PM
Indus Water Treaty: भारत की सिंधु जल स्ट्राइक से पाकिस्तान में डर! आने वाला है बड़ा संकट?-VIDEO
Jul 01, 2026 | 06:30 PM
दिहाड़ी मजदूर की बेटी को मिला 21 करोड़ का टैक्स नोटिस, पैन कार्ड के दुरुपयोग से हैरान परिवार, video वायरल
Jul 01, 2026 | 02:49 PM














