गौतम अडाणी, (चेयरमैन, अदाणी ग्रुप)
नई दिल्ली : देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन गौतम अडानी को लेकर बांग्लादेश से एक बहुत अच्छी खबर मिली हैं। भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश ने गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर को अपने बकाए का एक हिस्सा सक्सेसफुली चुका दिया हैं। साल 2017 में साइन एक पावर सप्लाई एग्रीमेंट के अंतर्गत टोटल 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर में से 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक भुगतान किया जा चुका हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में ये कहा गया है कि कुछ समय पहले ही बांग्लादेश में इकोनॉमिक और पॉलिटिकल चैलेंजेस देखने के लिए मिले थे, जिसके बाद बांग्लादेश की ओर से इस राशि का भुगतान करना ये बताता है कि वहां की इकोनॉमी पटरी पर वापस आ रही है।
साल 2022 में रूस और यूक्रेन वॉर के असर से बांग्लादेश इंपोर्ट कॉस्ट में बढ़त से जूझ रहा था, जिसके कारण उसकी इकोनॉमी पर प्रेशर पड़ रहा था। पिछले साल ही अगस्त के महीने में स्थिति और भी ज्यादा बदतर हो गई थी, जब राजनीतिक प्रेशर के कारण देश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जिसके कारण बांग्लादेश को इंपोर्टेड बिजली का भुगतान करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा था और अडानी पावर को देश को अपनी बिजली सप्लाई आधी करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। पिछले कुछ महीनों में इस स्थिति में सुधार देखा जा रहा हैं।
अडानी पावर के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी सीएफओ दिलीप झा के अनुसार, कंपनी ने अब बांग्लादेश को पूरी बिजली सप्लाई करना फिर से शुरू कर दिया है। असल में, बांग्लादेश से मिलने वाले भुगतान को अब मंथली बिलिंग अमाउंट से ज्यादा है। पिछले गुरूवार को कंपनी की इनकम रिपोर्ट के बाद एक्सपर्ट्स से बातचीत के दौरान झा ने ये कहा था कि हम बांग्लादेश को पूरी इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई कर रहे हैं। हमें अब जो बकाया भुगतान मिल रहा है, वो मंथली बिलिंग से ज्यादा है। मौजूदा भुगतानों ने न सिर्फ मौजूदा बिलों को कवर किया है, बल्कि पुराने बकाया को भी कम करना शुरू कर दिया है।
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अडानी पावर ने ये उम्मीद जतायी है कि ये ट्रेंड जारी रह सकता है और बाकी के 900 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान भी जल्द ही किया जा सकता हैं। झा ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि न सिर्फ हमें चालू महीने के बिल का बराबर भुगतान मिलता रह सकता है, बल्कि पुराने बकाया भी चुकाए जा सकते हैं। ये पॉजिटिव डेव्हलप्मेंट बांग्लादेश और अडानी पावर के बीच में फाइनेंशियल एग्रीमेंट में मजबूत सुधार का इशारा देता है। ये पिछली कठिनाइयों के बाद एनर्जी सहयोग बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। अगर भुगतान की वर्तमान रफ्तार जारी रहती है, तो बाकी लोन जल्द ही पूरी तरीके से चुकाया जा सकता है।