Budget 2026: बुधादित्य और रविपुष्य योग के बीच पेश होगा लेखा-जोखा, ग्रहों की चाल बता रही बजट का हाल
Budget 2026: आज देश का बजट पेश होने जा रहा है। ज्योतिषविद् संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, सूर्य और पुष्य नक्षत्र का संयोग इस बजट को ऐतिहासिक बनाएगा। जानें ग्रहों की चाल क्या संकेत दे रही है।
- Written By: ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा | Edited By: मनोज आर्या
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (डिजाइन फोटो)
Astrological Prediction Budget 2026: भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में साल 2026 का बजट कई मायनों में अनूठा और ऐतिहासिक होने जा रहा है। आजाद भारत के इतिहास में यह पहली बार होगा जब देश का आम बजट रविवार, 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने ग्रहों की स्थिति और पंचांग के आधार पर बजट का गहन विश्लेषण किया है।
रविवार का दिन और सूर्य का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रविवार के स्वामी भगवान सूर्य हैं। सूर्य को ग्रहों का राजा और सत्ता का कारक माना जाता है। होड़ाचक्र के अनुसार, रविवार के दिन बजट पेश होना सरकार की नीतियों में बड़े बदलाव का संकेत है। सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और शासन का प्रतीक है। सूर्य के प्रभाव से वातावरण शुद्ध होता है और दैनिक जीवन में सकारात्मकता आती है। हालांकि, सूर्य की उग्रता के कारण इलेक्ट्रिक वस्तुएं महंगी हो सकती हैं और भीषण गर्मी से फसलों को नुकसान की संभावना भी बनी रहती है।
पंचांग और शुभ योगों का संगम
1 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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तिथि: माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा।
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (सुबह 11:50 तक), जो खरीदारी और नए कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेष योग: बजट के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रविपुष्य योग (सुबह 06:35 से 11:58 तक) का अद्भुत संयोग बन रहा है।
योग: प्रीति योग (सुबह 10:20 तक)।
लग्न: बजट पेश होने के समय मेष लग्न रहेगा, जो ऊर्जा और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है।
पंचांग के अनुसार कैसा रहेगा बजट का दिन
नक्षत्र- पुष्य, सुबह 11:50 मिनट तक उपरांत अश्लेशा
योग- प्रीति ( सुबह 10:20 मिनट तक )
सूर्योदय- 06 :35 मिनट
सूर्यास्त- 05:35 संध्या
चन्द्रोदय- 04 :59 संध्या
चंद्रास्त- आज नहीं है
सूर्य- मकर राशि में संचरण करेंगे और चंद्रमा -कर्क राशि में रहेंगे।
सर्वार्थ सिद्ध योग- 06:35 सुबह से 11:58 सुबह तक।
रविपुष्प योग -06:33 सुबह से 11:58 सुबह तक।
राहुकाल -04:11 दोपहर से 05:33 संध्या तक।
लगन- मकर 07 :16 सुबह तक, लेकिन बजट पेश के समय मेष लगन रहेगा।
चौघडिया- अमृत 10:41 सुबह से 12 :03 दोपहर।
ग्रहों की स्थिति: बुधादित्य और रुचक योग
बजट के समय ग्रहों की चाल काफी रोचक रहने वाली है। सूर्य वर्तमान में मकर राशि में संचरण कर रहे हैं, जहां वे बुध के साथ मिलकर ‘बुधादित्य योग’ बना रहे हैं। इसके साथ ही मंगल और शुक्र की युति भी मकर राशि में है। मकर राशि में ग्रहों का यह ‘महासभा’ कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की ओर इशारा कर रहा है।
- मंगल का प्रभाव: रुचक योग के कारण साहस और अधोसंरचना (Infrastructure) पर बल मिलेगा।
- गुरु की स्थिति: गुरु मिथुन राशि में वक्री रहेंगे।
- चंद्रमा: कर्क राशि में संचार करेंगे, जिससे जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं का ध्यान रखा जाएगा।
उद्योग, रियल एस्टेट और शेयर बाजार पर असर
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह बजट शेयर बाजार को काफी प्रभावित कर सकता है। बाजार भाव संतुलित रहने की उम्मीद है। सरकार का विशेष ध्यान Gen-Z (युवा पीढ़ी) पर रहेगा। शिक्षा क्षेत्र, नई नौकरियों और टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में सरकार बड़ी पहल कर सकती है। रियल एस्टेट को लेकर कुछ चिंताएं हो सकती हैं, लेकिन सूर्य के प्रभाव से सोना, तांबा, कांसा और केमिकल सेक्टर में मजबूती आएगी। सोलर पावर और परमाणु शक्ति को लेकर बजट में बड़ी घोषणाएं संभव हैं।
आम जनता और टैक्स में राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 के माध्यम से आम आदमी को बड़ी सौगात दे सकती हैं। ज्योतिषीय संकेत बताते हैं कि इस बार कमाई के साथ-साथ इनकम टैक्स (आयकर) में बचत के रास्ते खुल सकते हैं। मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह बजट अनुकूल रहने की संभावना है।
आर्थिक सर्वेक्षण और बाजार की उम्मीदें
बजट से पहले पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2026 ने सकारात्मक आधार तैयार कर दिया है। वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। बजट के दिन रविवार होने के बावजूद NSE और BSE (शेयर बाजार) नियमित समय पर कारोबार के लिए खुले रहेंगे। बाजार के प्रतिभागी मुख्य रूप से पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर राहत और लेनदेन करों में कमी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, पुष्य नक्षत्र और रविवार का यह संयोग आजाद भारत के आर्थिक ढांचे में नया अध्याय लिखेगा। सरकार की नीतियां ऊर्जावान होंगी और आम जनता को विशेष लाभ मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।
