इजरायल का ईरान के विशाल साउथ पारस गैस फील्ड में रिफाइनरी पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Strike On Iran Gas Facilities: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष हर गुजरते दिन के साथ और भी अधिक भयावह और आक्रामक होता जा रहा है। बुधवार, 18 मार्च को इजरायली वायु सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण गैस बुनियादी ढांचे पर बड़ा हमला किया जिससे क्षेत्र में ऊर्जा युद्ध की शुरुआत हो गई है। इस हमले के बाद तेहरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को दहलाने वाली जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इजरायली वायु सेना के एक अधिकारी के अनुसार, यह हमला ईरान के दक्षिण में स्थित बुशेहर प्रांत में किया गया जहां देश की सबसे बड़ी गैस प्रोसेसिंग सुविधा स्थित है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका और इजरायल ने असालुयेह स्थित ‘साउथ पार्स स्पेशल इकोनॉमिक एनर्जी जोन’ में गैस ठिकानों पर प्रोजेक्टाइल दागे हैं।
गौरतलब है कि साउथ पार्स दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में से एक है। यह पहली बार है जब इस संघर्ष के दौरान ईरान के ऊर्जा ठिकानों को सीधे निशाना बनाया गया है जिससे ईरानी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगने की आशंका है।
इस हमले को ‘वॉर क्राइम’ करार देते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने भीषण प्रतिशोध की घोषणा की है। आईआरजीसी ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने को कहा है। ईरानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अब वे उन “दुश्मन के इंफ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाएंगे जिन्हें अब तक सुरक्षित माना जाता था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी गैस सुविधाओं पर हुए हमले का जवाब आने वाले घंटों में दिया जा सकता है。
इस हमले पर कतर ने सख्त ऐतराज जताते हुए इसे ‘खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि ईरान के साउथ पार्स क्षेत्र को निशाना बनाना गलत है क्योंकि यह भौगोलिक रूप से कतर के ‘नॉर्थ फील्ड’ का ही विस्तार है। कतर ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
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वर्तमान स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे एक ‘टोटल एनर्जी वार’ के रूप में देख रहे हैं, जहां अब सीधे तौर पर आर्थिक रीढ़ को निशाना बनाया जा रहा है। यदि ईरान ने अपनी धमकी के मुताबिक खाड़ी देशों के तेल कुओं पर हमला किया तो पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी आग लग सकती है।