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इतिहास में पहली बार खतरे में अमेरिका की इज्जत, रेटिंग एजेंसी के कटौती का दिखने लगा असर

रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल, मूडीज और फिच रेटिंग्स ने अमेरिका की रेटिंग में कटौती की है। इन रेटिंग एजेंसियों ने इसे AAA से घटाकर AA1 कर दिया है। जिसका सीधा असर कई देशों पर हो सकता है।

  • Written By: अपूर्वा नायक
Updated On: May 19, 2025 | 12:03 PM

इतिहास में पहली बार खतरे में अमेरिका की इज्जत (सौ. डिजाइन फोटो )

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दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी और सुपर पावर माने जाने वाले अमेरिका को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब 3 प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने अमेरिका की रेटिंग को घटाया है। अब की बार अमेरिका को टॉप टियर क्रेडिट रेटिंग नहीं दी गई है।

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मेरिकी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ट्रिपल ए से घटाकर एए1 कर दिया है। सबसे खास बात तो ये है कि साल 1919 से ही मूडीज रेटिंग्स की ओर से अमेरिका को टॉप रेटिंग दी जा रही थी। हालांकि साल 2023 में जरूर उसने अमेरिका को नेगेटिव आउटलुक दिया था। साथ ही रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने भी साल 2011 में अमेरिका से ट्रिपल ए की रेटिंग को हटा दिया था। जबकि फिच रेटिंग्स ने भी साल 2023 में अमेरिका की रेटिंग को घटाकर AAA से AA+ कर दिया था।

कर्ज के कारण घटी रेटिंग

दरअसल, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी की ओर से अमेरिकी रेटिंग को घटाने का सबसे बड़ा कारण बढ़ते हुए कर्ज को बताया जा रहा है। रेटिंग एजेंसी मूडीज का कहना है कि पिछले 10 सालों में अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ा है। साल 2024 में अमेरिका का कर्ज लगभग 35 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया था, जबकि उसकी जीडीपी ही तकरीबन 29 ट्रिलियन डॉलर है।

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मूडीज रेटिंग ने ये अनुमान लगाया है कि अमेरिका का सरकारी डेफिशिएंट यानी फेडरल डेफिशिएंट साल 2035 तक जीडीपी के 9 प्रतिशत तक आ सकता है। पिछले साल ये 6.4 प्रतिशत हुआ करता था। ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर रेटिंग एजेंसियों की ओर से अमेरिका की रेटिंग घटाने का आखिर भारत और दुनिया के बाकी देशों पर क्या असर हो सकता है?

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क्या होगा असर?

रेटिंग एजेंसी की ओर से इस तरह रेटिंग गिराने के कारण अमेरिकी सरकार को पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याद देना पड़ सकता है। किसी भी देश या कंपनी की रेटिंग को देखकर ही इंवेस्टर्स ये तय करते हैं कि कितना कर्ज देना सिक्योर रहेगा। साथ ही इस समय इंडियन मार्केट में फॉरेन इंवेस्टर्स का विश्वास अब भी बरकरार है। हालांकि ग्लोबल इंवेस्टर्स का अगर रुख बदलता है तो फिर इसके इंडियन मार्केट पर भी नुकसान देखने के लिए मिल सकता है। इसका एक ही रिजल्ट निकलता है कि अब अमेरिका को अपनी रेटिंग को सुधारने के लिए अपने कर्ज और डेफिशिएंट को कम करना होगा।

Americas rating falls from aaa to aa1

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Published On: May 19, 2025 | 12:03 PM

Topics:  

  • America
  • Business News
  • Global Economy

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