8वां वेतन आयोग पर बड़ा अपड़ेट, किस्तों में या एक साथ मिलेगा एरियर का पैसा? कब तक बढ़ जाएगी सैलरी
8th Pay Commission: सरकार ने वेतन आयोग को रिपोर्ट तैयार करने और सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है। रिपोर्ट आने के बाद कैबिनेट की मंजूरी और लागू करने की प्रक्रिया म में 6 महीने और लग सकते हैं।
- Written By: मनोज आर्या
आठवां वेतन आयोग, (कॉन्सेप्ट फोटो)
8th Pay Commission Latest Update: नए साल की शुरुआत से ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सरकारी दफ्तरों से लेकर कर्मचारी संगठनों तक, हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है कि आखिर बढ़ी हुई सैलरी बैंक खाते में कब आएगी? इसके साथ ही एरियर को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्या पुराना बकाया पैसा एक साथ मिलेगा या सरकार इसे किस्तों में देगी? आठवें वेतन आयोग को लेकर जो ताजा समीकरण बन रहे हैं, वे कर्मचारियों के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आए हैं। आइए, एक्सपर्ट्स की राय और मौजूदा नियमों के आधार पर समझते हैं कि आने वाले दिनों में आपकी सैलरी स्लिप में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने इस मुद्दे पर जो जानकारी साझा की है, वह काफी अहम है। नियमों पर गौर करें तो आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू (Due) है, यानी तकनीकी रूप से कर्मचारियों का हक इसी तारीख से बनता है।
कर्मचारियों को कब तक मिलेगा लाभ?
हालांकि, सरकारी प्रक्रिया में वक्त लगता है। सरकार ने वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और उसे सौंपने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया है। रिपोर्ट आने के बाद भी कैबिनेट की मंजूरी और इसे लागू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया में 6 महीने और लग सकते हैं। ऐसे में अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो कर्मचारियों के हाथ में बढ़ी हुई सैलरी जनवरी 2028 तक आने की उम्मीद है। वहीं, अगर सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई, तो जुलाई 2027 में भी खुशखबरी मिल सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
Gold-Silver Outlook: क्या इस हफ्ते सस्ता होगा सोना-चांदी…या रिकॉर्ड हाई पर चढ़ेगा भाव? जानें एक्सपर्ट की राय
Share Market Outlook: तेज गिरावट या जारी रहेगी हरियाली, सोमवार को कैसा रहेगा बाजार? ये फैक्टर्स तय करेंगे चाल
नागपुर: मिडिल ईस्ट संकट अस्थायी, JSW चेयरमैन का भरोसा, भारतीय उद्योगों की ग्रोथ रहेगी जारी
Gold-Silver Rate Today: भारत में आज सोने-चांदी के भाव में गिरावट, जानिए अपने शहर में रेट
किस्तों में या एकमुश्त मिलेगा एरियर?
वेतन आयोग लागू होने में देरी का मतलब है कि एरियर (बकाया राशि) का गणित बड़ा होगा। कर्मचारियों के मन में यह आशंका है कि कहीं एरियर किस्तों में तो नहीं मिलेगा? डॉ. मंजीत पटेल ने इस संशय को दूर करते हुए बताया कि केंद्र सरकार के इतिहास में एरियर का भुगतान अमूमन एकमुश्त ही किया गया है। चूंकि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, इसलिए एरियर की गणना भी इसी तारीख से होगी। भले ही फैसला 2027 या 2028 में आए, लेकिन एरियर का भुगतान पुरानी तारीख से ही जोड़कर किया जाएगा। राहत की बात यह है कि पूरी संभावना है कि यह पैसा कर्मचारियों को एक साथ ही मिलेगा, न कि किश्तों में।
देरी से कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
सुनने में एरियर का पैसा एक साथ मिलना अच्छा लगता है, लेकिन असलियत में आठवें वेतन आयोग के गठन और लागू होने में देरी से कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर आयोग समय पर लागू हो जाता, तो कर्मचारियों को बढ़ा हुआ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) भी समय से मिलने लगता। एक्सपर्ट्स के आकलन के मुताबिक, एचआरए और टीए का एरियर आमतौर पर पिछली तारीखों से (retrospectively) नहीं दिया जाता।
यह भी पढ़ें: बाकी राज्य देखते रह गए…यहां हो गया बड़ा फैसला! 8वें वेतन आयोग की रेस में सबसे आगे निकला यह राज्य
3.5 से 4 लाख रुपये का नुकसान
इसका सीधा मतलब है कि लेवल-8 के एक अधिकारी को इस देरी की वजह से करीब 3.5 से 4 लाख रुपये तक का फटका लग सकता है। इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) पहले ही 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर चुका है, जिसे नियमों के तहत बेसिक सैलरी में मर्ज हो जाना चाहिए था। ऐसा न होने से भी कर्मचारी पिछले दो सालों से अपनी वास्तविक हकदार सैलरी से कम पा रहे हैं।
