LPG सिलेंड, सांकेतिक तस्वीर
5Kg LPG Cylinder Without Address Proof: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रणनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले Strait of Hormuz से भारतीय एलपीजी टैंकर Green Sanvi सुरक्षित रूप से गुजर गया है।
यह जहाज 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर आ रहा है जो भारत की घरेलू जरूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सफल ट्रांजिट को भारत की सक्रिय कूटनीति और क्षेत्र में मजबूत पकड़ के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर जोर दे रही है। मार्च 2026 से अब तक 3.5 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। साथ ही, उर्वरक संयंत्रों को गैस की आपूर्ति को 6 अप्रैल से उनकी औसत खपत के 90% तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर (FTL) अब केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाकर बिना किसी पते के प्रमाण के खरीदे जा सकते हैं जिससे प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है।
युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हुई असामान्य बढ़ोतरी से आम आदमी को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर Excise Duty में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात लेवी भी लगाया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और नागरिकों को घबराने या ‘पैनिक बुकिंग’ करने की आवश्यकता नहीं है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।
पिछले 24 घंटों में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ देश भर में 3,700 से अधिक छापेमारी की गई है। अब तक 1,000 गैस एजेंसियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए गए हैं और 27 वितरकों को निलंबित कर दिया गया है।
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युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की घर वापसी का सिलसिला भी तेजी से जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 6,75,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। समुद्री मोर्चे पर, अब तक 1,320 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों का एक समूह भी आर्मेनिया के रास्ते स्वदेश लौट रहा है। हालांकि, अबू धाबी में हुए एक हमले में पांच भारतीय नागरिक घायल हुए हैं जिनमें से चार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और एक का इलाज चल रहा है।